जिस अरबपति के पास 16 हजार किलो सोना, उसने बताया ईरान जंग के बीच कितना ऊपर जाएगा गोल्ड

जॉयअलुक्कास के मालिक जॉय अलुक्कास ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को सोने की कीमतों में बढ़ोतरी की एक वजह बताई है. उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक जोखिमों के चलते आने वाले वर्षों में सोने की कीमतें बढ़ती रहेंगी.

Advertisement
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच सोने की कीमतें बढ़ती रहेंगी (Photo: Reuters) मिडिल ईस्ट में जंग के बीच सोने की कीमतें बढ़ती रहेंगी (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:39 PM IST

दुनिया की सबसे बड़ी पारिवारिक स्वामित्व वाली ज्वेलरी कंपनी जॉयअलुक्कास के मालिक भारतीय उद्योगपति जॉय अलुक्कास का कहना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से सोने की कीमतों में और उछाल देखने को मिलेगा. उनका मानना है कि भू-राजनीतिक और आर्थिक जोखिमों से घिरी दुनिया में आने वाले सालों में सोने की कीमतें बढ़ती रहेंगी. 

वो गिनाते हैं कि ईरान पर अमेरिकी हमले और उसके जवाब में दुबई पर किए गए अचानक ड्रोन हमले, जिनमें शहर के एयरपोर्ट और प्रसिद्ध बुर्ज अल अरब होटल को निशाना बनाया गया, ऐसे ही रिस्क के उदाहरण हैं. 

Advertisement

जॉयअलुक्कास ग्रुप के मालिक दुबई में ईरान के हमलों के दौरान वहीं मौजूद थे. इस दौरान दुबई से ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'जब भी दुनिया में तनाव होता है, लोग सुरक्षा के लिए स्वाभाविक रूप से सोने की ओर भागते हैं. इससे कुछ दिनों के लिए सोने की कीमतें बढ़ सकती हैं.'

उन्होंने कहा, 'अगले 2 से 3 सालों में, जब तक दुनिया में सच में शांति नहीं आती, सुधार नहीं आता, खासकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक भू-राजनीति में, मुझे सोने की कीमतों में कोई बड़ी गिरावट नहीं दिखती. बीच-बीच में गिरावट आ सकती है, लेकिन कुल मिलाकर सोना ऊपर ही जाएगा.'

कीमतों के साथ ऊपर जाएंगे सोने के स्टॉक की कीमतें

उनकी टिप्पणियां बताती हैं कि दुनिया में सोने के बड़े निवेशक हाल की अस्थिरता को किस नजर से देख रहे हैं. पिछले एक साल में सोने की कीमतें 75 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गई हैं और जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर चली गई थीं. 

Advertisement

69 साल के अलुक्कास के मुताबिक, यूएई, भारत, अमेरिका और अन्य देशों में उनकी करीब 200 दुकानों में सोने की लगभग 16,000 किलोग्राम इन्वेंटरी है, जिसमें सोने की छड़ें और आभूषण शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जब सोने की कीमत बढ़ती है, तो उनके स्टॉक की कीमत भी बढ़ जाती है.

लंबे समय तक स्टॉक रखने से 10 से 20 प्रतिशत तक की कीमतों के उतार-चढ़ाव से निपटने में बहुत मदद मिलती है. हालांकि दूसरी ओर, उन्हें नया स्टॉक आज की ऊंची कीमत पर खरीदना पड़ता है. उन्होंने कहा, 'वर्किंग कैपिटल बढ़ जाता है और हर बार स्टॉक भरने की लागत ज्यादा हो जाती है.'

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 5.8 अरब डॉलर है.

अलुक्कास ने कहा कि मध्य-पूर्व में हाल की उथल-पुथल जैसे किसी एक क्षेत्रीय घटनाक्रम से आमतौर पर सोने की कीमतें पूरी तरह नए स्तर पर नहीं पहुंचतीं.  सोने की कीमतों में तेज और स्थायी उछाल के लिए बड़े वैश्विक कारक जरूरी होते हैं, जैसे अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर, महंगाई और वैश्विक निवेशकों का भरोसा. 

दुबई पर हुए हमलों ने एक और समस्या पैदा कर दी है. स्कूल बंद हो गए हैं, कई लोगों को घर से काम करना पड़ रहा है और संपन्न प्रवासी आबादी में चिंता बढ़ गई है. 

Advertisement

लोगों में बढ़ रहा चांदी की खरीद का चलन

अलुक्कास के अनुसार, इन घटनाओं से पहले ही निवेश के लिए सोने की छड़ें और सिक्के खरीदने की मांग बढ़ रही थी. अब ग्राहकों में निवेश के रूप में 10 ग्राम और 50 ग्राम की चांदी की छड़ें खरीदने का भी नया चलन शुरू हुआ है, जबकि पहले जॉयअलुक्कास मुख्य रूप से चांदी की सजावटी ज्वेलरी, जैसे पायल और कमरबंद ही बेचा करता था. 

उन्होंने कहा कि उनके ज्यादातर ग्राहक भारतीय हैं और वो शादियों, त्योहारों या जन्मदिन और फादर्स डे जैसे मौकों पर अब भी ज्वेलरी खरीद रहे हैं. हालांकि, सोने की कीमतों में हालिया तेज बढ़ोतरी से ग्राहकों की खरीद क्षमता पर असर हुआ है जिससे हल्के वजन वाली ज्वेलरी ज्यादा लोकप्रिय हो रही हैं. 

पिता के छोटे से बिजनेस को विदेशों तक ले गए जॉय अलुक्कास

भारत कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है, इसके बाद यूएई और अमेरिका का स्थान है. जॉय अलुक्कास के पिता अलुक्का जोसेफ वर्गीस ने करीब 70 साल पहले केरल में एक छोटी दुकान से इस कारोबार की शुरुआत की थी. जॉय अलुक्कास ने 16 साल की उम्र में अपने पिता के बिजनेस में मदद करना शुरू कर दिया था. 

1980 के दशक के आखिर में उन्होंने विदेशों में कंपनी का विस्तार किया और यूएई में पहला विदेशी शोरूम खोला. इसके बाद उन्होंने जॉयअलुक्कास ग्रुप को विकसित किया, जिसके आज 12 देशों में 178 शोरूम हैं. 

Advertisement

करीब एक दशक पहले जॉयअलुक्कास ने अमेरिकी बाजार में भी एंट्री की और अब वो उन शहरों पर ध्यान दे रहे हैं जहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं. फिलहाल अमेरिका में उनकी सात दुकानें हैं, जिन्हें अगले साल के अंत तक बढ़ाकर 11 करने की प्लानिंग है. इसके अलावा वो न्यूजीलैंड और कनाडा में भी नए स्टोर खोलने की तैयारी कर रहे हैं. 

उनके बेटे जॉन पॉल अलुक्कास अंतरराष्ट्रीय कारोबार संभालते हैं, जबकि उनके दोनों दामाद भारत में कंपनी के ऑपरेशन में शामिल हैं. 

हाल के समय में अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है. अलुक्कास ने कहा, 'हमारा मानना है कि लंबे समय में सोना एक ही दिशा में जाएगा और हम हेजिंग में विश्वास नहीं करते.'

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »