पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने हूती हमलों के बीच मक्का रक्षा गठबंधन को सक्रिय कर दिया है. रियाद में हुई गठबंधन की आपात बैठक में तीनों देशों ने सामूहिक रक्षा की अपनी प्रतिबद्धताओं को तुरंत लागू करने पर सहमति जताई. इसके तहत तय सैन्य बलों और दूसरी सुरक्षा क्षमताओं को मंजूर व्यवस्था और तीनों देशों के कानूनों के मुताबिक जल्द सऊदी अरब में तैनात किया जाएगा.
बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि तीनों देशों की सुरक्षा एक-दूसरे की सामूहिक सुरक्षा का अहम हिस्सा है. सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने कहा कि गठबंधन की स्ट्रैटेजिक पॉलिटिकल एंड डिफेंस कमेटी ने हालिया हूती हमलों के जवाब में सामूहिक निवारक कदम यानी कलेक्टिव डिटरेंस मेजर्स को सक्रिय करने पर सहमति जताई है.
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हूती हमलों के जवाब में बड़ा फैसला
खालिद बिन सलमान ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि गठबंधन की रूपरेखा के तहत सामूहिक निवारक उपायों को सक्रिय किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह फैसला यमन के ईरान समर्थित हूती समूह के हालिया हमलों और उनके लिए जिम्मेदार लोगों के जवाब में लिया गया है.
तीनों देशों ने कहा कि इस कदम से उनकी सैन्य तैयारियां मजबूत होंगी. साथ ही तीनों देशों के बीच सैन्य तालमेल और उभरते खतरों के खिलाफ सामूहिक जवाब देने की क्षमता बढ़ेगी.
एक पर हमला, तीनों पर हमला माना जाएगा
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने अगस्त में मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के तहत तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को सभी तीनों देशों पर हमला माना जाएगा.
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अब हूती हमलों के बीच इस समझौते को सक्रिय करने से तीनों देशों के बीच सैन्य सहयोग का स्तर बढ़ने की बात सामने आई है. समझौते के तहत सऊदी अरब में सैन्य बलों और क्षमताओं की तैनाती की तैयारी की जाएगी और तीनों देश मिलकर उभरते खतरों के खिलाफ सामूहिक सुरक्षा मजबूत करेंगे.
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