पुतिन को धमकाने रूस गए थे CIA चीफ? मॉस्को की सीक्रेट ट्रिप पर बड़ा खुलासा

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के निदेशक जॉन रैटक्लिफ की 25 अगस्त को हुई मॉस्को यात्रा ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. बेहद गोपनीय रखी गई इस यात्रा का खुलासा मॉस्को एयरपोर्ट पर अमेरिकी C-17 विमान और राजनयिक काफिले के नजर आने के बाद हुआ. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस को NATO को ‘टेस्ट’ न करने और ईरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी संदेश दिया गया.

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CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ की रूस यात्रा ने रणनीतिक हलचल बढ़ा दी है (Photo-ITG) CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ की रूस यात्रा ने रणनीतिक हलचल बढ़ा दी है (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:54 PM IST

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के निदेशक जॉन रैटक्लिफ की रूस की गोपनीय यात्रा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है. रैटक्लिफ मंगलवार, 25 अगस्त को मॉस्को पहुंचे थे. उनकी यात्रा की जानकारी तब सामने आई, जब मॉस्को के एक एयरपोर्ट पर अमेरिकी C-17 सैन्य विमान और इसके बाद अमेरिकी राजनयिक काफिला देखा गया. CIA प्रमुख के तौर पर रूस की यह उनकी पहली ऐसी यात्रा बताई जा रही है.

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रैटक्लिफ का मॉस्को दौरा इतना गोपनीय रखा गया था कि इसकी आधिकारिक जानकारी पहले सामने नहीं आई. रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को बताया कि रैटक्लिफ ने रूसी खुफिया अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात नहीं हुई. हालांकि, पेस्कोव के मुताबिक पुतिन को बातचीत की जानकारी दी गई थी.

यह भी पढ़ें: ईरान पर अमेरिका का यू-टर्न? रुबियो बोले- फिलहाल नए हमले की तैयारी नहीं

NATO को ‘टेस्ट’ न करने का संदेश?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैटक्लिफ की यात्रा का एक अहम मकसद रूस को NATO देशों के खिलाफ किसी उकसावे वाली कार्रवाई से बचने की चेतावनी देना था. अमेरिकी खुफिया आकलन में आशंका जताई गई है कि रूस NATO की एकजुटता और अमेरिका की प्रतिक्रिया को परखने के लिए सीधे युद्ध से कम स्तर की कार्रवाई कर सकता है.

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यूरोप में रूसी गतिविधियों को लेकर अमेरिका की चिंता हाल के महीनों में बढ़ी है. रोमानिया में ड्रोन घुसने और पोलैंड के ऊपर रूसी मिसाइल से जुड़ी घटनाओं ने NATO की सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ाया है.

ईरान और होर्मुज का मुद्दा भी उठा

बातचीत में ईरान और होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा भी उठने की खबर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैटक्लिफ ने कथित तौर पर संकेत दिया कि अगर होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं होती है, तो ईरान पर अतिरिक्त अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रैटक्लिफ की यात्रा की पुष्टि करते हुए इसे ‘सेमी-रूटीन’ दौरा बताया. उन्होंने कहा कि इससे रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में कुछ प्रगति हो सकती है. वहीं, CIA ने अब तक यात्रा के उद्देश्य पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी नहीं दी है. यही वजह है कि इस गोपनीय दौरे को लेकर कई तरह के सवाल बने हुए हैं.

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