7 अक्टूबर: एक साल से आमने-सामने इजरायल-हमास, जानिए कहां और किसने की जंग रुकवाने की कोशिशें

आज से ठीक एक साल पहले 7 अक्टूबर का दिन था जब हमास के लड़ाकों ने गाजा की सीमा पार करके इज़रायल में धावा बोल दिया था. यह हमला जल-थल और नभ तीनों जगहों से एकसाथ किया गया था जिसकी इजरायल को भनक तक नहीं लग पाई थी. इस जंग के एक साल पूरे हो चुके हैं और फिलहाल इसके थमने के आसान नजर नहीं आ रहे हैं.

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 बंधक बनाए गए कुछ लोगों को बाद में हमास ने रिहा किया था बंधक बनाए गए कुछ लोगों को बाद में हमास ने रिहा किया था

किशोर जोशी

  • नई दिल्ली,
  • 07 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 11:52 AM IST

तारीख 7 अक्टूबर, 2023, समय सुबह करीब 7 बजे... इजरायल में फिलिस्तीनी सीमा के नजदीक स्थित किबुत्ज रीम शहर में आयोजित नोवा म्यूजिक फेस्ट में शामिल लोग पार्टी का जमकर लुत्फ ले रहे थे कि तभी अचानक गाजा पट्टी की तरफ से रॉकेट से हमला होता है. लोग कुछ समझ पाते कि इससे पहले हमास के आतंकी कार, बाइक और पैराग्लाइडिंग के जरिए वह पहुंच गए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.  बच्चे हों या बड़े, जो रास्ते में मिला उस पर गोलियां बरसाते हुए चले गए.

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यह इजरायल की बड़ी खुफिया नाकामयाबी थी कि उसे इस हमले का अंदेशा तक नहीं हो सका. जब तक सरकार कुछ समझ पाती या एक्शन ले पाती तो तब तक हमास ने जल, थल और नभ, तीनों जगह से करीब 2 दर्जन इजरायली कस्बों पर हमला कर दिया और कई सैन्य चौकियों पर कहर बरपाने में कामयाब रहे. 

हमले में 1200 से अधिक इजरायली नागरिकों की मौत हो गई और करीब 250 इजरायली नागरिकों को हमास के आतंकी बंधक बनाकर अपने साथ ले गए. इसके बाद छिड़ी जंग में इजरायल ने फिलिस्तीन के खिलाफ जो कार्रवाई की उसमें अभी तक 42 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. फिलिस्तीन के खिलाफ छिड़ी जंग अब मध्य पूर्व (लेबनान, ईरान) तक फैल चुकी है. 

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जंग रुकवाने की कोशिशें

हमास और इजरायल के बीच छिड़ी जंग को रूकवाने की भी कई कोशिशें हुईं लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल सकी. कुछ दिन के लिए इजरायल ने संघर्ष विराम जरूर किया लेकिन जंग खत्म नहीं हो सकी. अभी तक जंग रुकवाने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, वो कुछ इस तरह से हैं-

संघर्ष विराम पर बनी सहमति- जंग रुकवाने की पहली कोशिश पिछले साल नवंबर में हुई जिसमें कुछ हद तक सफलता भी मिली जब नवंबर, 2023 में एक हफ्ते के संघर्ष विराम पर सहमति बनी.  24 नवंबर 2023 को शुरू हुआ संघर्ष विराम लागू हुआ एक हफ्ते तक चला. इस दौरान हमास ने इजरायली जेलों में बंद 240 फिलिस्तीनियों के बदले 80 इजरायली बंधकों को रिहा कर दिया. लेकिन युद्धविराम ज्यादा नहीं चल सका और  इसके बाद शुरू हुई जंग दक्षिण तक फैल गई.

कतर में मध्यस्थता- दोनों के बीच युद्ध रोकने के लिए कतर ने भी मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश की थी. अमेरिका के सीआईए निदेशक बिल बर्न्स, मोसाद परमुक डेविड बर्नेऊ और कतर अधिकारियों ने कई दौर की बैठक की और बंधकों की सुरक्षित रिहाई के प्रय़ास किए.यह कतर ही था जिसकी मध्यस्थता के जरिए गाजा मिस्र के बीच रफाह क्रॉसिंग से विदेशी नागरिकों को गाजा से सुरक्षित बाहर निकाला गया था. इसके अलावा घायलों को भी बाहर निकाला गया. यह कतर ही था जिसकी मध्यस्थता की वजह से नवंबर 2023 में एक हफ्ते के संघर्ष विराम की सहमति बनी थी. कतर के जहां अमेरिका से अच्छे ताल्लुकात हैं, वहीं हमास से भी उसके संपर्क हैं. 

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यूएन की कोशिश- संयुक्त राष्ट्र ने भी हमास-इजरायल जंग रोकने की कोशिश की. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमास और इजरायल से तुरंत युद्ध रोकने का आह्वान किया. नवंबर 2023 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव पारित कर मानवीय सहायता पहुंचाने को संक्षिप्त युद्धविराम के लिए कहा लेकिन इजरायल ने इसे मानने से इनकार कर दिया था. इस प्रस्ताव के समर्थन में 15 सदस्य देशों में से 12 ने वोट दिया और विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा. अमेरिका, रूस और ब्रिटेन ने वोटिंग से दूरी बना ली थी. इससे पहले UN में तत्काल युद्ध विराम प्रस्ताव पेश किया गया था जिसका अमेरिका ने वीटो कर रोक दिया था.

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अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस की कोशिश- अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने भी अपनी तरफ से युद्ध को रोकने की कोशिश की और हमास से बंधकों को तुरंत रिहा करने का आग्रह किया तांकि बड़े युद्ध को टाला जा सके, लेकिन हमास इस पर राजी नहीं हुआ. इसी साल अगस्त में अमेरिका, मिस्र और कतर के नेताओं ने इजरायल और हमास से 15 अगस्त को काहिरा या दोहा में बातचीत के लिए मुलाकात का आग्रह किया था, ताकि गाजा युद्ध और बंधकों की रिहाई के लिए बातचीत की जा सके. 

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फ्रांस के राष्ट्रपति, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर ने ईरान में संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए और उनके सहयोगियों ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने के लिए किसी भी तरह से जवाबी हमलों से बचने का संकल्प लिया.

लेबनान में खुला नया फ्रंट
युद्ध विराम की तमाम कोशिशों के बीच हूती से लेकर हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने इजरायल के खिलाफ जब मोर्चा खोला तो जंग की आंच मध्य पूर्व तक फैल गई. गाजा युद्ध अभी तक खत्म नहीं हो पाया था कि बीच इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ उत्तर में भयंकर मोर्चा खोल दिया है. हवाई हमलों के बाद अब इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में घुस गई है, जहां हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग लड़ रही है.

लेबनान से हिज्बुल्लाह की गोलीबारी के चलते उत्तर से हजारों इजरायलियों को पलायन करना पड़ा है. युद्ध रोकने के लिए की गई तमाम कोशिशें फिलहाल विफल होती हुई नजर आ रही हैं.

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