ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर बरसेंगी मिसाइलें

ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.

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अमेरिका ने ईरान पर पहले से नाकेबंदी लगा रखी है. (Photo- Reuters) अमेरिका ने ईरान पर पहले से नाकेबंदी लगा रखी है. (Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:28 AM IST

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए अपने तय रास्ते से अलग कोई दूसरा रास्ता बनाने की कोशिश पर अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार और एक्सपीडियेंसी काउंसिल के सदस्य जनरल मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि अगर इसके लिए अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए, तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा.

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दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि तेहरान के साथ बातचीत चल रही है और यह ईरान के लिए अच्छे समझौते तक पहुंचने का आखिरी मौका है. हालांकि, ईरान ने किसी भी तय या चल रही बातचीत से इनकार किया है और कहा है कि इस समय सिर्फ ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और प्रबंधन पर बात हो रही है.

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ईरान के सरकारी मीडिया को दिए इंटरव्यू में रेजाई ने कहा, हम होर्मुज स्ट्रेट में दूसरा रास्ता खुलने नहीं देंगे. अगर वे युद्धपोत तैनात करेंगे, तो हम उन्हें निशाना बनाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि सर्वोच्च नेता के लिए सबसे अहम बात यह है कि अमेरिकी अपना व्यवहार बदलें और उसके साफ संकेत दिखें.

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अमेरिका के नाकेबंदी पर ईरानी नेता ने चेताया

मोहसिन रेजाई के मुताबिक, जैसे ही अमेरिका उन 4-5 शर्तों को मानने की शुरुआत करेगा, जिन पर कुछ दिनों से शुरुआत हो चुकी थी, ईरान उसे बदले हुए व्यवहार का संकेत मानेगा. उन्होंने यह भी कहा, क्या हम समुद्री नाकाबंदी सहन कर सकते हैं. अमेरिकी जहाजों और ठिकानों के लिए निश्चित तौर पर गंभीर खतरे होंगे. हम यह नहीं देखेंगे कि अमेरिका समुद्री नाकाबंदी जारी रखे और ईरान की शर्तों की ओर कोई कदम भी न बढ़ाए.

ईरानी प्रसारण के दौरान दिखाए गए संदेशों में कहा गया कि ईरान अपने हितों के आधार पर काम करता है और धमकियों से प्रभावित नहीं होगा. एक संदेश में सशस्त्र बलों की तैयारियों पर जोर दिए जाने की बात भी कही गई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ओमान के साथ बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए नए समाधान खोजने की कोशिश की जा रही है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा- ईरान से बातचीत चल रही है

उधर ओवल ऑफिस में ट्रंप ने कहा कि बातचीत अभी चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में वार्ता शुरू होगी. उनका कहना था कि दोनों पक्ष ईरान, सऊदी अरब, यूएई और कतर समेत कई पक्षों के अनुरोध पर बात कर रहे हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि इन बातचीतों से होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुले और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी चिंताओं पर रास्ता निकले.

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ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया

लेकिन इससे पहले सोमवार को इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है और कोई बैठक तय नहीं है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में न तो ईरान किसी विदेशी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करेगा और न ही अपने वार्ताकार विदेश भेजेगा. बघाई ने कहा कि विदेश मंत्री अब्बास अराकची को छोड़कर बाकी सभी ईरानी वार्ताकार देश में हैं, जबकि अराकची इराक में धार्मिक यात्रा पर हैं. एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने भी रॉयटर्स से कहा कि कोई बातचीत तय नहीं है और अराकची कम से कम हफ्ते के आखिर तक उपलब्ध नहीं होंगे.

बाद में ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को हद से ज्यादा दोमुंहा बताया और कहा कि उन्होंने बैठक मांगी है और निकट भविष्य में और बातचीत तय है. उन्होंने फिर दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है और अमेरिका की फौलादी दीवार के रहते ईरान तक कुछ भी तब तक नहीं पहुंचेगा, जब तक अमेरिका न चाहे या फिर कोई समझौता या पूरा आत्मसमर्पण न हो. इसी बीच तेल की कीमतों में 5% की गिरावट आई.

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अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को पांच महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट से माल ढुलाई सामान्य करने के लिए अहम माना जा रहा है. युद्ध से पहले दुनिया के कारोबार वाले तेल और प्राकृतिक गैस का करीब पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता था. फिलहाल एक तरफ ट्रंप बातचीत की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान अमेरिकी जहाजों और ठिकानों को निशाना बनाने की खुली चेतावनी दे रहा है. यही इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी तस्वीर है.

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