ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ओमान के साथ होर्मुज में जहाजों के ट्रांजिट (पारगमन) को लेकर जारी बातचीत को तकनीकी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक बताया है. राज्य मीडिया के अनुसार, इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य होर्मुज में आने और जाने के लिए सुरक्षित लेन तय करना है.
इस बातचीत में ईरान और ओमान दोनों देशों के संप्रभु अधिकारों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. इसके अलावा ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने साफ किया कि तेहरान अपनी सीमाओं की रक्षा करेगा, लेकिन वह युद्ध का विस्तार नहीं चाहता है.
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत का फोकस मुख्य रूप से होर्मुज में सुरक्षित इनबाउंड और आउटबाउंड लेन निर्धारित करने पर है. वार्ता के तहत जिस मार्ग पर सहमति बनाई जा रही है, उसका उद्देश्य ईरान और ओमान के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों व संप्रभु अधिकारों को पूरी तरह सुनिश्चित करना है.
विल्कपों की संभावना है कम
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने जानकारी दी है कि ईरान द्वारा स्टेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए किसी अन्य विकल्प को स्वीकार करने की संभावना बहुत कम है. ओमान के साथ चल रही यह द्विपक्षीय बातचीत ही इस दिशा में प्राथमिक माध्यम बनी हुई है.
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि होर्मुज को लेकर ओमान के साथ बातचीत अपने अंतिम चरण में है, क्योंकि तेहरान का कहना है कि ये महत्वपूर्ण जलमार्ग कभी भी युद्ध-पूर्व की स्थिति में वापस नहीं आएगा.
रविवार को टेलीग्राम पर एक पोस्ट में अब्बास अराघची ने कहा कि कैबिनेट को सौंपी गई रिपोर्ट में उन्होंने तेहरान और मस्कट के बीच बातचीत को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया में बताया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान और मस्कट, होर्मुज से होकर गुजरने वाले एक नए समुद्री मार्ग पर समझौते के करीब हैं, जो मौजूदा कॉरिडोर से अलग होगा.
सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में बघाई ने कहा, 'हम अब एक ऐसे मार्ग पर सहमति बनाने जा रहे हैं जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो न तो उत्तरी मार्ग और न ही दक्षिणी मार्ग-बल्कि एक ऐसा मार्ग जो दोनों पक्षों के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करे और हमारे राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा करे.' हालांकि, इस पूरे मामले पर ओमान की तरफ से कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है.
'हम अपनी सीमा की रक्षा करेंगे'
उधर, ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने साफ कहा दिया है कि ईरान अपनी सीमाओं की संप्रभुता और सुरक्षा की हर हाल में रक्षा करेगा. हालांकि, उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि ईरान युद्ध को बढ़ाने या उसका विस्तार करने की कोई मंशा नहीं रखता है.
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