अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर 30,000 डॉलर का इनाम... ईरानी कमांडर का ऐलान

ईरानी सेना के कमांडर ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले ईरानी लड़ाकों के लिए 30,000 डॉलर के इनाम का ऐलान किया. यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब शांति वार्ता में कोई प्रगति नहीं हुई है और होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही भी रुकी हुई है.

Advertisement
 अमीर हातमी ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले को 30,000 डॉलर के इनाम का ऐलान किया.(Photo- ITG) अमीर हातमी ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले को 30,000 डॉलर के इनाम का ऐलान किया.(Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:54 PM IST

ईरानी सेना के एक कमांडर ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले ईरानी लड़ाकों के लिए 30,000 डॉलर (28 लाख रुपये से ज्यादा) के इनाम का ऐलान किया है. तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ अमीर हातमी ने रविवार, 16 अगस्त को तेहरान में एक भाषण के दौरान यह घोषणा की.

Reuters की रिपो अमीर हातमी ने कहा कि जो भी ईरानी किसी अमेरिकी सैनिक को पकड़ता है या मारता है, उसे ईरानी लोगों की ओर से 30,000 डॉलर का इनाम दिया जाएगा. उन्होंने कहा, 'हम उचित उपहार देंगे.' उनके अनुसार, यह इनाम करीब 5 अरब तोमान के बराबर है.

Advertisement

हातमी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब शांति वार्ता की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है. इसके साथ ही, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही भी रुकी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध में शामिल पक्षों के बीच संघर्ष खत्म करने की दिशा में भी कोई ठोस संकेत नहीं दिख रहा है.

मध्य पूर्व में ईरान युद्ध और गाजा संघर्ष के बीच रविवार को कई बड़े घटनाक्रम सामने आए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने अपने 10 दिवसीय क्षेत्रीय दौरे के दौरान अरब सागर में तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Lincoln का दौरा किया. वहीं, दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई. इजरायल ने दावा किया कि इन हमलों में हिजबुल्लाह के दो कमांडरों को निशाना बनाया गया. दूसरी ओर, गाजा सीजफायर को लेकर हमास का एक प्रतिनिधिमंडल मिस्र की राजधानी काहिरा में बातचीत कर रहा है.

Advertisement

समुद्र में रहने का रिकॉर्ड

USS Lincoln जनवरी में मध्य पूर्व पहुंचा था और ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में तैनात रहा है. इस दौरान उसने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी में भी भूमिका निभाई. यह विमानवाहक पोत 240 दिनों से अधिक समय तक लगातार समुद्र में रहने का रिकॉर्ड बना चुका है. जहाज पर मानसिक स्वास्थ्य और जरूरी सामानों से जुड़ी समस्याओं की खबरें भी सामने आई हैं. USS Lincoln पर 5,000 से अधिक नाविक और मरीन तैनात हो सकते हैं.

11 लोगों की मौत

दक्षिणी लेबनान में शनिवार को इजरायल के दो हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई. इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने हिजबुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर अबू हसन अला और अली समीर अल-हज हसन को निशाना बनाया. यह हमला जून में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद सबसे घातक हमलों में शामिल है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »