अमेरिका में ईरान युद्ध को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर मतभेद सामने आने लगे हैं. मिशिगन से सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स और आयोवा से सीनेट उम्मीदवार एश्ले हिंसन ने सोमवार को ईरान युद्ध को जल्द खत्म करने की मांग की. दोनों नेता पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का अधिकार देने वाले कदमों का समर्थन कर चुके हैं.
यह बदलाव ऐसे समय आया है जब नवंबर में मिड-टर्म चुनाव होने वाले हैं और ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर अमेरिकी परिवारों पर पड़ रहा है.
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एश्ले हिंसन ने कहा कि आयोवा के लोगों को ईरान युद्ध की आर्थिक कीमत नहीं चुकानी चाहिए. उन्होंने गैसोलीन टैक्स रोकने, अमेरिका से डीजल एक्सपोर्ट कुछ समय के लिए रोकने और दूसरे कदम उठाने की मांग की. उन्होंने युद्ध को तत्काल खत्म करने की भी बात कही. हिंसन पिछले हफ्ते तक ट्रंप के युद्ध संबंधी अधिकारों को सीमित करने वाले प्रस्तावों के खिलाफ वोट कर चुकी थीं.
माइक रोजर्स ने भी बदला रुख
मिशिगन से रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स ने भी अपने कैंपेन विज्ञापन में ईरान युद्ध जल्द खत्म करने की बात कही. उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होने पर ऊर्जा की कीमतें नीचे आ सकती हैं, लेकिन तब तक मिशिगन के परिवार इंतजार नहीं कर सकते. रोजर्स ने भी राज्य और संघीय गैसोलीन टैक्स रोकने और अमेरिकी डीजल एक्सपोर्ट कुछ समय के लिए बंद करने की मांग की.
गैस-डीजल की बढ़ी कीमतें तो बदले नेताओं के रुख
दोनों नेताओं के रुख पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने सवाल उठाए हैं. माइक रोजर्स के प्रतिद्वंद्वी अब्दुल अल-सईद ने आरोप लगाया कि गैस और डीजल की बढ़ती कीमतों के बाद रोजर्स अपना रुख बदल रहे हैं. वहीं हिंसन के प्रतिद्वंद्वी जोश तुरेक ने कहा कि जब युद्ध खत्म करने के लिए वोट देने का मौका था, तब हिंसन ने उसका समर्थन नहीं किया.
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ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप से दूरी बनाने वाले रिपब्लिकन्स में रोजर्स और हिंसन अकेले नहीं हैं. पिछले हफ्ते आयोवा के प्रतिनिधि जैक नन और मैरियनेट मिलर-मीक्स ने भी ईरान में ट्रंप के युद्ध संबंधी अधिकारों को सीमित करने के लिए डेमोक्रेट्स के साथ वोट किया था.
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