भारत ने मंगलवार को सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों पर हूती हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई. भारत ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाते हैं. और इस तरह के हमले बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए खतरा हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की यह टिप्पणी पश्चिम एशिया में तनाव के अचानक बढ़ने के बीच आई है. यह तनाव अचानक सऊदी अरब पर हुए हूती हमलों के बाद बढ़ा है.
पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर सवालों का जवाब देते हुए रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से मुलाकात की थी. और इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रमें हाल के घटनाक्रम पर चर्चा हुई थी.
वहीं दूसरी ओर, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मंगलवार को काहिरा में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देह फतह अल सीसी से मुलाकात की. सऊदी अरब यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ समर्थन जुटा है. हूती हमलों की वजह से अहम समुद्री व्यापार रूट बाधित हुआ है और दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं.
यह भी पढ़ें: हूती हमलों ने बढ़ाई सऊदी की चिंता, मांगा मिस्र का समर्थन
काहिरा में बैठक के बाद सऊदी अरब या मिस्र में से किसी ने भी अब तक भविष्य के कदमों को लेकर कोई पक्की जानकारी नहीं दी है. अधिकारियों ने बताया कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के हमलों के बाद मरम्मत के लिए सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के हफ्तों तक बंद रहने की आशंका है.
इस रुकावट के चलते हर दिन बाजार में कई मिलियन बैरल तेल की कमी हो सकती है. वहीं, दूसरी ओर, हूती लड़ाकों ने तेजी से बढ़त हासिल की है. हूतियों ने लाल सागर के मोखा बंदरगार और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास तीन रणनीतिक द्वीपों पर कब्जा किया है. यूके के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता टॉम वेल्स ने लंदन में कहा कि हूतियों को तुरंत अपने हमले बंद करने चाहिए. साथ ही, उन्होंने ये भी कहा कि सऊदी अरब और यमन को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है.
aajtak.in