भारत में अपनी चीनी बेचना चाहता है पाकिस्तान, ट्रेड बंद होने के बावजूद तलाश रहा है मौके!

भारत में चीनी की बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है. इस बीच पाकिस्तान का चीनी उद्योग अपने 12 लाख टन से अधिक अतिरिक्त स्टॉक को भारत भेजने की संभावना तलाश रहा है, हालांकि दोनों देशों के बीच सीधा व्यापार फिलहाल बंद है.

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पेशावर की एक चीनी मिल में ट्रैक्टर ट्रॉली से गन्ने उतारते वर्कर. (Image: Reuters) पेशावर की एक चीनी मिल में ट्रैक्टर ट्रॉली से गन्ने उतारते वर्कर. (Image: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:39 PM IST

देश में इस समय चीनी की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है. इसको रोकने के लिए सरकार ने 20 अगस्त को बड़ा कदम उठाते हुए 31 अक्टूबर तक बिना किसी टैक्स के 10 लाख टन चीनी आयात करने की अनुमति दी है. उम्मीद जताई जा रही है कि इससे त्योहारों में थोड़ी राहत मिलेगी. इसी बीच एक रिपोर्ट निकलकर सामने आई है कि भारत में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच पाकिस्तान का चीनी उद्योग भारत को अपने अतिरिक्त चीनी भंडार के संभावित बाजार के रूप में देख रहा है.

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भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और सुरक्षा तनाव के कारण सीधा द्विपक्षीय व्यापार फिलहाल बंद है. अटारी-वाघा सीमा और हवाई मार्ग भी बंद हैं. ऐसे में पाकिस्तान की चीनी मिलों ने भारत के आयात फैसले को अपने बढ़ते स्टॉक को बेचने और वित्तीय स्थिति सुधारने के संभावित अवसर के रूप में देखा है.

पाकिस्तान के अखबार द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार, पाकिस्तान शुगर मिल्स एसोसिएशन के सीनियर सदस्य चौधरी मुहम्मद वहीद ने सरकार से भारत को अतिरिक्त चीनी निर्यात करने की संभावना तलाशने की मांग की है. पाकिस्तान के चीनी उद्योग के पास 12 लाख टन से अधिक अतिरिक्त चीनी का स्टॉक है. मिलों को चिंता है कि अगर यह स्टॉक नहीं बिका तो नवंबर में शुरू होने वाले अगले पेराई सीजन में किसानों से गन्ना खरीदने के लिए धन की कमी हो सकती है.

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पाकिस्तानियों को मुनाफे की उम्मीद

वहीद ने कहा कि भारत नजदीक होने के कारण पाकिस्तान को दूर के बाजारों की तुलना में माल ढुलाई में फायदा मिल सकता है. भारत को चीनी निर्यात से विदेशी मुद्रा मिल सकती है, मिलों की नकदी स्थिति सुधर सकती है, स्टोरेज लागत कम हो सकती है और किसानों को समय पर भुगतान करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, पाकिस्तान की चीनी को भारत भेजने के लिए अभी कोई व्यापार समझौता नहीं हुआ है. इसके लिए दोनों देशों की सरकारों की मंजूरी और व्यापार का एक सिस्टम जरूरी होगा.

भारत में बढ़ रहे हैं चीनी के दाम

भारत में चीनी की कीमतों में तेजी आई है. इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, 18 अगस्त को औसत एक्स-मिल चीनी कीमत करीब 4,000 से 5,500 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि एक साल पहले यह करीब 3,900 रुपये थी. सरकार ने जमाखोरी और सट्टेबाजी रोकने के लिए स्टॉक रखने पर भी प्रतिबंध लगाए हैं. चीनी की उपलब्धता पर इथेनॉल उत्पादन का भी असर पड़ा है.

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