इमरान समर्थकों से डरी शाहबाज सरकार, स्पाइडर गन से रोकने की तैयारी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर PTI 27 सितंबर से लॉन्ग मार्च करने जा रही है. इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जहां प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को नेट गन जैसी विशेष उपकरणों से लैस किया गया है.

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कैसे होगा नेट गन का इस्तेमाल (Photo: ITG) कैसे होगा नेट गन का इस्तेमाल (Photo: ITG)

सुबोध कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 24 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:24 PM IST

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ 27 सितंबर से एक लॉन्ग मार्च करने वाली है. इस्लामाबाद और पाकिस्तान के सेना मुख्यालय की ओर जाने वाले रावलपिंडी मार्ग पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज है. विरोध प्रदर्शन से पहले इस्लामाबाद पुलिस को एक नेट लॉन्चिंग डिवाइस से लैस कर दिया है. इस डिवाइस का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को काबू में करने की बात कही जा रही है. 

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क्या है नेट गन

दरअसल, नेट गन मूल रूप से एक एंटी ड्रोन उपकरण है. इससे कुछ ही सेकंड में जाल फेंका जाता है, जो ड्रोन के पंखों को जकड़कर उसकी उड़ान को रोक देता है. इसका इस्तेमाल ड्रोन को रोकने के लिए किया जाता है. लेकिन पाकिस्तान में दावा किया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल करके PTI समर्थकों के हुजूम को नियंत्रित किया जाएगा. 

पाकिस्तान में PTI समर्थकों पर इस उपकरण का इस्तेमाल करने की तैयारी है. अधिकारियों का कहना है कि इस नेट गन से मार्च में शामिल लोगों को काबू में किया जा सकता है. हालांकि, सवाल ये भी है कि ये एंटी ड्रोन गन लोगों को नियंत्रित कर पाएगी?

पाकिस्तानी मीडिया कर रहा बड़े दावे

पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया जा रहा है कि इन उपकरणों के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है. कहा जा रहा है कि यह PTI समर्थकों को डराने और उनपर दबाव बनाने की कोशिश है. इससे पहले ही डी-चौक पर PTI समर्थकों के प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी हुई थी. PTI समर्थकों को गोली लगने की बात सामने आई थी. वहीं, पाकिस्तानी सरकार ने उस दौरान 8 PTI समर्थकों की मौत की बात कही थी, जबकि PTI ने इससे कहीं ज्यादा मौतों का दावा किया था. 

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इस्लामाबाद-रावलपिंडी में तनाव

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सजा को लेकर काफी तनाव है. ऐसे में, संभावित बड़े प्रदर्शन को देखते हुए और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए इस्लामाबाद को एक छावनी में बदल दिया गया है. इस्लामाबाद प्रशासन ने 18 सितंबर से अगले दो महीने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर चार से ज्यादा लोगों के एकत्रित होने, जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया है.

इतना ही नहीं, इमरान खान की तीनों बहनों- अलीमा खान, डॉ. उजमा खान और नूरीन नियाजी को जेल में बंद कर दिया गया है. इसके अलावा, एंट्री, एग्जिट पॉइंट को भी सील कर दिया गया है. वहीं,  इस्लामाबाद, रावलपिंडी में संचार माध्यमों को भी ठप किया जा रहा है.

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