'सऊदी अरब का साथ दिया तो...', दूसरे देशों को हूतियों ने धमकाया, अमेरिका के लिए खास पैगाम

हूतियों ने दूसरे देशों को सऊदी अरब का समर्थन न करने की सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने अमेरिकी जहाजों पर हमला न करने का भरोसा दिया है और कहा है कि उनका लक्ष्य बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करना नहीं बल्कि सुरक्षित नौवहन तय करना है. हूती नेता मोहम्मद अल-बुखैती ने बताया कि अमेरिका से अप्रत्यक्ष संपर्क हुआ था और दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है

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हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिया है कि वो लाल सागर पर हमले नहीं करेंगे. (Photo- ITGD) हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिया है कि वो लाल सागर पर हमले नहीं करेंगे. (Photo- ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:20 AM IST

यमन में फिर भड़के गृहयुद्ध के बीच हूतियों ने दूसरे देशों को सऊदी अरब का साथ न देने की सख्त चेतावनी दी है. हूतियों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि उनका संगठन लाल सागर में अमेरिकी जहाजों पर हमला नहीं करेगा. उनकी मानें तो हूतियों ने ट्रंप सरकार को इसके भरोसा दिया है.

हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-बुखैती ने जूम इंटरव्यू के जरिए एक बड़ा दावा किया. उन्होंने मीडिया को बताया कि इस महीने की शुरुआत में जब हूती लड़ाकों ने यमन के पश्चिमी तट से बाब अल-मंदेब की ओर तेजी से बढ़त बनाई, तो अमेरिका ने उनसे संपर्क किया था.

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अल-बुखैती ने बताया कि अमेरिकी अधिकारियों के साथ ओमान के जरिए अप्रत्यक्ष संपर्क हुआ था. उन्होंने कहा, 'हमने पुष्टि की है कि हम स्ट्रेट में अमेरिका या किसी और देश को निशाना नहीं बना रहे हैं. हमारा इकलौता निशाना सऊदी दुश्मन है और ये स्थिति आगे भी बनी रहेगी.'

ट्रंप ने भी दिया था बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी माना था कि उनकी सरकाक की हूतियों के साथ बातचीत हुई है. ट्रंप ने कहा था, 'हूतियों ने हमसे संपर्क किया था और वो हमसे लड़ना नहीं चाहते. वो चाहते हैं कि हम इस मामले में शामिल न हों और वो ज्यादातर जहाजों को वहां से गुजरने दे रहे हैं.'

ओमान कर रहा हूतियों और अमेरिका के बीच मध्यस्थता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमान ने अमेरिकी और हूती प्रतिनिधियों के बीच एक बैठक की मेजबानी की थी. ओमान लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है. इससे पहले 2025 में भी ओमान की मध्यस्थता से ही अमेरिकी बमबारी और हूती हमलों को रोकने के लिए युद्धविराम समझौता हुआ था.

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यह भी पढ़ें: सऊदी के रियाद में हूतियों का बड़ा हमला, कई ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन से अटैक

हूती नेता अल-बुखैती ने कहा कि उनके हमलों का मकसद बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करना नहीं है. उनका टारगेट यमन सहित सभी देशों के लिए वहां से सुरक्षित नौवहन की आजादी तय करना है. इसके साथ ही हूतियों ने दावा किया है कि वो एक साथ कई मोर्चों पर युद्ध लड़ने के पूरी तरह काबिल हैं.

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