'AI हमारे जैसा नहीं...', हॉलीवुड के बड़े एक्टर्स हड़ताल पर क्यों? 63 साल बाद इतना बड़ा प्रदर्शन

हॉलीवुड इंडस्ट्री पर इस वक्त संकट के बादल छाए हुए हैं. समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की मानें तो हॉलीवुड के लेखक और अभिनेता एक ही समय पर 63 सालों के बाद पहली बार हड़ताल पर हैं. स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड, जो लगभग 160,000 कलाकारों को रिप्रेजेंट करता है, शुक्रवार को वे भी इसमें शामिल हो गए.

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हॉलीवुड इंडस्ट्री पर संकट के बादल हॉलीवुड इंडस्ट्री पर संकट के बादल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 10:37 PM IST

हॉलीवुड फिल्मों के शौकीन हैं और कई फिल्मों के सीक्वल, सिरीज और शोज की अगली कड़ियों का वेट कर रहे हैं, तो आपका ये इंतजार थोड़ा लंबा हो सकता है, बल्कि अभी जो हालात हैं, उनमें कहा नहीं जा सकता है कि कब तक वेट करना पड़े. हुआ यूं है कि हॉलीवुड इंडस्ट्री पर संकट के बादल छाए हैं. इंडस्ट्री के बड़े और मशहूर एक्टर्स ने हड़ताल की घोषणा कर दी है और उन्होंने राइटर्स के बाद इस हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है. इसमें सुपरस्टार सिलियन मर्फी, एमिली ब्लंट, फ्लोरेंस पुघ और तीन बार की ऑस्कर विजेता मेरिल स्ट्रीप भी शामिल हैं.

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ये हड़ताल क्यों हो रही है और कैसे शुरू हुई?? तफसील से सारे सवालों के जवाब देते हैं. 

क्या AI खत्म कर देगा लेखकों की नौकरियां?

ऑर्टिफिशयल इंटेलीजेंस या चैट जीपीटी या फिर इनसे ही मिलते-जुलते तकनीकी शब्द. आपने शायद साल भर पहले से ही इन्हें बहुत अधिक सुना होगा. इन शब्दों के साथ आपने ये भी सुना होगा कि अब नौकरियां खतरे में हैं. सारा काम AI से ही हो जाएगा. इसका सबसे अधिक असर फोटोग्राफर्स, वीडियो मेकर और राइटर्स पर पड़ेगा. ये तीनों ही इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से ताल्लुक रखते हैं. ये जो डर वाली बातें आपने सुन रखी हैं, ये डर असल में एग्जिस्ट करता है और मनोरंजन की दुनिया में अपना खून-पसीना एक रहे लोग ऐसी बातों से वाकई डरे हुए हैं. उनका यही डर हॉलीवुड में हो रही हड़ताल की वजह है. 

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राइटर्स ने मांगी थी जॉब सिक्योरिटी

सबसे पहले राइटर्स ने अपनी जॉब श्योरिटी और सिक्योरिटी मांगी थी. क्योंकि साफ-साफ शब्दों में ऐसी बातें सामने आ रही थीं कि अब स्क्रिप्ट AI से ही लिखवा ली जाएगी. इसके अलावा सैलरी, कमाई में हिस्सा, प्रॉफिट को लेकर भी एक्टर्स, राइटर्स और डाइरेक्टर्स को कुछ आपत्तियां थीं. पहले इनके लिए मांग की गई और फिर जब सुनवाई नहीं हुई तो हड़ताल का झंडा बुलंद किया गया है.

कितनी बड़ी है हड़ताल और कौन-कौन हैं इसमें शामिल?

जैसे हॉलीवुड फिल्में लाजवाब होती हैं, ठीक वैसे ही उनकी ये हड़ताल भी बड़ी, लाजवाब और रिकॉर्डतोड़ बन गई है. समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की मानें तो हॉलीवुड के लेखक और अभिनेता एक ही समय पर 63 सालों के बाद पहली बार हड़ताल पर हैं. स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड, जो लगभग 160,000 कलाकारों को रिप्रेजेंट करता है, शुक्रवार को वे भी इसमें शामिल हो गए. इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बढ़ते श्रमिक संघर्ष के कारण पहले से ही बेरोजगार हजारों फिल्म और टीवी कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ी आपदा है.

2 मई से ही हड़ताल पर हैं राइटर्स गिल्ड

जबकि, राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका तो 2 मई से ही हड़ताल पर है और कई प्रमुख टीवी कार्यक्रमों तब से अब तक बंद करने पड़ गए हैं. जेन फोंडा, सुज़ैन सरंडन, रॉब लोव और मार्क रफालो उन लोकप्रिय सितारों में से हैं, जो पहले ही लेखकों के समर्थन में धरना दे चुके हैं और उनका पुरजोर समर्थन कर रहे हैं. 

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किनके खिलाफ है हड़ताल?

यह हड़ताल मुख्य रूप से एलायंस ऑफ मोशन पिक्चर एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स के खिलाफ है. जो कई बड़े शॉट स्टूडियो और प्रोडक्शन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है. हड़ताल में भाग लेने वाले न केवल काम से दूर हैं, बल्कि उन्होंने फिल्म फेस्टिवल, प्रमोशन, स्क्रीनिंग और अवार्ड शो जैसे कार्यक्रमों का भी बहिष्कार कर दिया है. ये हड़ताल प्रोडक्शन स्टूडियोज़ जैसे यूनिवर्सल स्टूडियोज़, वॉर्नर ब्रोज़, पैरामाउंड स्टूडियोज़, डिज्नी के खिलाफ है. इसके साथ ही स्ट्रीमिंग सर्विसेज जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन, आदि के भी खिलाफ है. इनका अपना भी संगठन है, जिसे द अलायंस ऑफ मोशन पिक्चर एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स के नाम से जाना जाता है.

हड़ताल का क्या पड़ेगा असर?

एक साथ होने वाली हड़तालों का प्रभाव यह भी पड़ेगा कि अगर ये जारी रहती है तो इसके व्यापक असर होने की संभावना है. क्योंकि अभिनेता नहीं हैं तो सीरियल और फिल्में ठंडे बस्ते में जाने लगी हैं. पुरानी पटकथाओं पर काम करने के लिए राइटर्स न भी होते तो एकबारगी चलता, लेकिन अभिनेता भी नहीं हैं तो धीरे-धीरे सब डिब्बाबंद होने लगेगा. 

एक बार आपत्तियों पर भी गौर कर लेते हैं कि असल में क्या-क्या मामले हैं, जिन्हें राइटर्स -एक्टर्स उठा रहे हैं. 

आपत्ति 1: कमाई में हिस्सा मिले, पगार बढ़ाई जाए

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एक्टर्स और राइटर्स दोनों इस बात पर साथ-साथ हैं कि बेस पे बढ़ाई जाए. उन्होंने बीते दशक के मुताबिक, सैलरी कम होने की बात कही है. स्ट्रीमिंग सर्विस से होने वाली कमाई में भी हिस्से की मांग रखी गई है. राइटर्स यूनियन के मुताबिक, स्टूडियोज़ ने ये मांग खारिज कर दी है. पहले उन्हें फिल्म या शो की सफलता के हिसाब से पैसा मिल जाता था. लेकिन स्ट्रीमिंग सेवाएं डेटा शेयर नहीं करती हैं. इससे उन्हें पर्दे के पीछे होने वाली डील का पता नहीं चलता है. एक्टर्स की एक डिमांड है कि जो ऑडिशन वे खुद से रिकॉर्ड करें, उन्हें इसके लिए पेमेंट मिले.

आपत्ति 2: AI का ज्यादा इस्तेमाल बन रहा 'विलेन' 

AI को भले डिजिटल क्रांति कहा जा रहा है, लेकिन मनोरंजन जगत में इससे डर का माहौल है. कहा जा रहा है कि AI से सबसे पहले राइटर्स की ही जॉब जाएगी. राइटर्स चाहते हैं कि इसके इस्तेमाल पर रोक लगे. हर शो में कम से कम 06 राइटर्स को रखा जाए और मिनिमम 13 हफ़्ते के काम का भरोसा मिले. एक चर्चा ये भी है कि AI के सहारे दिवंगत हो चुके एक्टर्स को स्क्रीन पर लाया जाएगा या, बिना एक्टर्स को हायर किए उनके पुराने परफॉर्मेंस के आधार पर नया कॉन्टेंट तैयार कर लिया जाएगा. यही आशंका डायरेक्टर्स को भी थी. उन्होंने जून 2023 में कंपनियों के साथ डील की कि उन्हें AI से रिप्लेस नहीं किया जाएगा.

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आपत्ति 3: क्या एक्टर्स भी रिप्लेस हो सकते हैं? यही है तीसरा विवाद

किसी भी फिल्म में बड़ी संख्या में वे किरदार भी होते हैं जो बैकग्राउंड में नजर आते हैं. मेन लीड के आस-पास समय के अनुसार जरूरी माहौल बनाने के लिए इनका जरूरी इस्तेमाल होता है. सामने आया था कि स्टूडियो बैकग्राउंड परफॉर्मर्स को पूरे प्रोजेक्ट के लिए हायर नहीं करना चाहते हैं. वे एक दिन की सैलरी देकर उनका डिजिटल राइट्स खरीदना और फिर पूरे प्रोजेक्ट में उनकी रेप्लिका  ही इस्तेमाल कर लेना चाहते हैं. एक्टर्स यूनियन इसका विरोध कर रही है.

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