मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से भारत सहित दुनिया के कई देश बड़े फ्यूल संकट का सामना कर रहे हैं. पाकिस्तान, फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी, पोलैंड, वियतनाम, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया गंभीर ईंधन संकट का सामना कर रहे हैं. मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बंद होने के चलते कच्चे तेल की कीमतों में 25 फीसदी तक का उछाल आया है. स्थिति को संभालने के लिए सरकारें राशनिंग, स्कूल बंदी और सरकारी कामकाज में कटौती जैसे कड़े कदम उठा रही हैं.
पैनिक बाइंग और आपूर्ति की अनिश्चितता की वजह से नागरिकों में चिंता का माहौल है, जो ईंधन बचाने के लिए कतारों में खड़े हैं.
| देश | स्थिति | एहतियात |
| पाकिस्तान | भारी महंगाई, पेट्रोल की रिकॉर्ड कीमतें (55 PKR तक बढ़ोतरी) | स्कूल बंद, सरकारी दफ्तर 4 दिन, 'वर्क फ्रॉम होम' अनिवार्य. |
| बांग्लादेश | पैनिक के कारण किल्लत | ईंधन राशनिंग, मोटरसाइकिल के लिए 2 लीटर की दैनिक सीमा. |
| श्रीलंका | कीमतों में 8% की बढ़ोतरी | CPC का भरोसा है कि अप्रैल तक स्टॉक है. |
| जर्मनी | कीमतों में उछाल, अर्थव्यवस्था पर असर | चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ (Friedrich Merz) ने चिंताओं पर ध्यान दिया है. |
| फ्रांस/पोलैंड | पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें | लोग घबराहट में पेट्रोल भरवा रहे हैं, महंगाई बढ़ने का डर है. |
| वियतनाम | आपूर्ति की चिंता | ईंधन बचत की अपील, बायोफ्यूल और सार्वजनिक परिवहन पर जोर. |
| इंडोनेशिया | कीमतों में तेजी से चुनौती | B50 बायोडीजल योजना को फिर से लागू करने पर विचार, |
| USA | गैस पंपों पर कीमतें बढ़ीं (11 सेंट प्रति गैलन तक) | आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान पर चिंता. |
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट की जड़...
मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रहा है. दुनिया का करीब 31 प्रतिशत समुद्री कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) इसी रास्ते से गुजरते हैं. जंग की वजह से यह रास्ता बाधित है, जिससे वैश्विक ऊर्जा व्यापार पूरी तरह अस्थिर हो गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर संघर्ष लंबा खिंचा, तो कच्चे तेल की कीमतें 120 से 140 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं. दुनिया भर में शेयर बाजार भी इस अस्थिरता से प्रभावित हो रहे हैं और कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.
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पाकिस्तान और बांग्लादेश में हाहाकार
पाकिस्तान में स्थिति सबसे गंभीर है. पेट्रोल की कीमतें 55 PKR प्रति लीटर बढ़ गई हैं. ईंधन बचाने के लिए सरकार ने स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद कर दिए हैं और सरकारी दफ्तर हफ्ते में केवल चार दिन खुल रहे हैं.
वहीं, बांग्लादेश में ईंधन की राशनिंग लागू कर दी गई है. मोटरसाइकिल के लिए 2 लीटर और कारों के लिए 10 लीटर की दैनिक सीमा तय है. वहां पैनिक बाइंग को रोकने के लिए पेट्रोल पंपों पर रसीदें चेक की जा रही हैं और अवैध भंडारण को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं.
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यूरोप में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें
फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों में तेल की कीमतों ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है. फ्रांस में लोग भविष्य की चिंता में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनों में लगकर पैनिक बाइंग कर रहे हैं. जर्मनी में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जहां ड्राइवर अब सार्वजनिक परिवहन की ओर रुख करने को मजबूर हैं. जर्मनी के चांसलर ने बढ़ती ऊर्जा कीमतों पर चिंता जाहिर की है. पोलैंड में भी स्थिति तनावपूर्ण है, जहां एक हफ्ते के भीतर पेट्रोल की कीमतों में 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और लोग सार्वजनिक साधनों को चुन रहे हैं.
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अमेरिका और अन्य देशों की क्या स्थिति?
अमेरिका के फ्लोरिडा और लुइसियाना में गैस पंपों पर कीमतें अचानक 11 सेंट तक बढ़ गई हैं. मिडिल ईस्ट में जारी जंग ने अमेरिकियों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वहीं, वियतनाम ने जनता से ईंधन बचाने की अपील की है और पेट्रोल की कमी से निपटने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है. सरकारें इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को अपनाने का सुझाव दे रही हैं. श्रीलंका ने भी पैनिक बाइंग को रोकने के लिए ईंधन की कीमतों में 8 फीसदी की बढ़ोतरी की है. हालांकि, उनके पास अप्रैल तक के लिए पर्याप्त स्टॉक है.
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इंडोनेशिया का नया प्लान
इंडोनेशिया इन बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए एक अलग रास्ता तलाश रहा है. वहां की सरकार अपनी 'B50 बायोडीजल योजना' को फिर से लागू करने पर विचार कर रही है. इस पॉलिसी का मकसद डीजल में पाम ऑयल-आधारित बायोडीजल का हिस्सा 50 फीसदी तक बढ़ाना है, जिससे कच्चे तेल पर निर्भरता को कम किया जा सके. सरकार फिलहाल बाजार के हालात पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लेगी. इसके साथ ही, इथेनॉल ब्लेंडिंग के कार्यक्रमों को भी तेज करने की योजना है.
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नागरिकों से संयम बरतने की अपील
दुनिया के कई देशों में सरकारें अपने नागरिकों से पैनिक बाइंग न करने और ऊर्जा बचाने की अपील कर रही हैं. वियतनाम ने पेट्रोल पंपों पर मनमानी करने वालों या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट करने के लिए एक हॉटलाइन भी शुरू की है. सभी देशों की सरकारें यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि आम लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए ईंधन मिलता रहे. आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि हर देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है.
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