गाड़ी में फ्यूल नहीं, थाली में भोजन नहीं... पाकिस्तान में यूं ही नहीं लगा 'इफ्तार पार्टियों' पर बैन

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल संकट का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर दिखने लगा है. फ्यूल की कीमतें बढ़ने के बीच सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं.

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शहबाज शरीफ सरकार ने ऑफिशियल इफ्तार पार्टियों पर रोक लगा दी है. (File Photo: ITG) शहबाज शरीफ सरकार ने ऑफिशियल इफ्तार पार्टियों पर रोक लगा दी है. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:49 AM IST

मिडिल ईस्ट में जारी जंग और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का असर अब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंचने के बाद पाकिस्तान में फ्यूल संकट गहरा गया है. हालात को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने कई सख्त कदम उठाने का फैसला किया है.

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प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तेल की खपत कम करने और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तरों के लिए नए नियमों का ऐलान किया है. सरकार का कहना है कि इन फैसलों का मकसद देश में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना है.

सरकार के फैसले के मुताबिक पाकिस्तान में स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे. वहीं, कॉलेज और यूनिवर्सिटी की हायर एजुकेशन की क्लासेज ऑनलाइन मोड में कर दी जाएंगी, जिससे छात्रों और स्टाफ की आवाजाही कम हो सके. इसके साथ ही ऑफिशियल डिनर और इफ्तार पार्टियों पर भी लगाम लगाने का फैसला किया गया है.

ज्यादा रेट में बिक रहीं खाने की चीजें...

रमज़ान के वक्त एक बार फिर पाकिस्तान के प्राइस कंट्रोल सिस्टम की कमज़ोरियां सामने आई हैं, क्योंकि पंजाब प्रांत में फलों और सब्ज़ियों की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे कस्टमर्स को बढ़ती कीमतों से जूझना पड़ रहा है. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, रमज़ान के दौरान कीमतों को कंट्रोल करने के लिए सरकारी नियमों के बावजूद, खाने की कई ज़रूरी चीज़ें ऑफिशियल रेट लिस्ट से काफ़ी ज़्यादा में बिकीं.

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द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, फर्स्ट-ग्रेड के केलों का ऑफिशियल रेट PKR 240 प्रति दर्जन तय किया गया था, फिर भी कई बाज़ारों में दुकानदारों ने उन्हें PKR 300 से कम में बेचने से मना कर दिया. इसी तरह, अमरूद PKR 145 प्रति किलोग्राम पर लिस्टेड था, लेकिन उससे भी कम ग्रेड का फल PKR 150 प्रति किलोग्राम पर बेचा जा रहा था. कंधारी अनार, जिसकी ऑफिशियल कीमत PKR 630 प्रति किलोग्राम थी, आमतौर पर लगभग PKR 700 में बिकता था.

रिटेल मार्केट में PKR 420 प्रति किलोग्राम पर तय सेब PKR 450 को पार कर गए, जबकि इम्पोर्टेड थाई अदरक, जिसकी ऑफिशियल कीमत PKR 280 प्रति किलोग्राम थी, PKR 350 तक बिकी. 

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क्यों महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल?

पाकिस्तान में फ्यूल की कीमतें बढ़ने की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुआ संकट है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष की वजह से इस अहम समुद्री रास्ते से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है. दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए तनाव बढ़ते ही इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं.

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पाकिस्तान अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और उसकी काफी सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ही आती है. ऐसे में सप्लाई पर असर पड़ने से देश में फ्यूल संकट गहरा गया और सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी.

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