'ईरान से डील की कोई जल्दी नहीं, ओमान बीच में आया तो...', डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकी

ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को जल्दबाजी नहीं है और रिवोल्यूशनरी गार्ड से पर्दे के पीछे बातचीत का रास्ता खुला है. उन्होंने ओमान को भी चेतावनी दी कि अमेरिकी कोशिशों में दखल देने पर उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे.

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यह बिल ट्रंप को उन देशों के सामान पर 100% टैरिफ लगाने की ताकत देगा जो रूसी तेल-गैस लेते हैं. (File: Photo)) यह बिल ट्रंप को उन देशों के सामान पर 100% टैरिफ लगाने की ताकत देगा जो रूसी तेल-गैस लेते हैं. (File: Photo))

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:45 PM IST

ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान के मामले में कोई जल्दबाजी नहीं है. साथ ही ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के अधिकारियों से पर्दे के पीछे बातचीत का रास्ता खुला हुआ है. इसी बातचीत के बीच उन्होंने ओमान को भी सीधी चेतावनी दे दी है.

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फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ किसी समझौते को लेकर जल्दबाजी में नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है.

ट्रंप ने ईरान के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि वह सार्वजनिक तौर पर खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहा है. उनके मुताबिक, ईरान पर अंदर से दबाव बढ़ रहा है. ट्रंप ने तेहरान से सफेद झंडा दिखाने यानी हार मानने का संकेत देने की बात भी कही.

ओमान को क्यों दी धमकी?

ओमान को लेकर ट्रंप ने बेहद कड़ा रुख दिखाया है. उन्होंने कहा कि 'अगर ओमान अमेरिका के रास्ते में आता है, तो उस पर भारी बमबारी की जाएगी. यह बयान ऐसे समय आया है जब ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत चल रही है.

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ओमान पहले भी दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाता रहा है. हाल ही में ईरान ने ओमान के साथ मिलकर होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लेकर समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही थी.

परमाणु हथियार पर पुराना रुख कायम

वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप ने सोमवार को फिर दोहराया कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य यही है कि ईरान किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल न कर सके. उन्होंने इसे अपना पहला और हमेशा रहने वाला मकसद बताया.

होर्मुज पर पहले से खींचतान

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच पहले से तनाव बना हुआ है. यह दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस गुजरते हैं. इस रास्ते पर किसी भी रुकावट का असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ सकता है.

ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि ईरान को हराने के बाद वह होर्मुज को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करने पर विचार करेंगे. दूसरी तरफ ईरान इस इलाके पर अपने नियंत्रण को लेकर अड़ा हुआ है.

यानी एक तरफ पर्दे के पीछे बातचीत की बात कही जा रही है, तो दूसरी तरफ बयानों में तल्खी बरकरार है. आने वाले दिनों में यह तनाव क्या मोड़ लेता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी.
 

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