भारत और अमेरिका के रिश्ते आने वाले महीनों में नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संभावित भारत दौरा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सहयोगी सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कई बड़े संकेत दिए हैं. दोनों नेताओं का कहना है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील लगभग आखिरी चरण में है और अगले साल की शुरुआत में ट्रंप के भारत दौरे की तैयारी चल रही है.
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते "बेहद मजबूत" हैं. उन्होंने बताया कि G7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की शानदार मुलाकात हुई थी. दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है और अब बातचीत आखिरी चरण में पहुंच चुकी है.
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रुबियो ने उम्मीद जताई कि अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप भारत का दौरा कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद भी इस साल के आखिरी तक भारत आने की योजना बना रहे हैं.
पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती से मजबूत हो रही साझेदारी!
रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे करीबी साझेदार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंध दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत बना रहे हैं. उनके मुताबिक दोनों देशों के साझा हित व्यापार, सप्लाई चेन, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे कई अहम क्षेत्रों में जुड़े हुए हैं.
एनर्जी सिक्योरिटी पर भी रुबियो ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से अपने एनर्जी सोर्सेज में डाइवर्सिफिकेशन यानी विविधता लाने की कोशिश कर रहा है और अमेरिका इस कोशिश का हिस्सा बनना चाहता है. उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका वेनेजुएला से तेल उत्पादन बढ़ाने पर भी काम कर रहा है और भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो वहां का भारी क्रूड ऑयल रिफाइन करने की क्षमता रखते हैं. उनका कहना था कि अमेरिका इस क्षेत्र में भी भारत के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है.
मोदी-ट्रंप की दोस्ती भारत-अमेरिका के रिश्ते की मजबूत नींव!
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर काफी सकारात्मक तस्वीर पेश की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती दोनों देशों के रिश्तों की सबसे मजबूत नींव है. उनके मुताबिक, दोनों नेता जब भी बातचीत करते हैं, उससे सकारात्मक नतीजे निकलते हैं. उन्होंने बताया कि फ्रांस में हुई मोदी-ट्रंप की मुलाकात एक घंटे से ज्यादा चली, जिसमें व्यापार, रक्षा और कई रणनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले हफ्तों में इन बैठकों के कुछ बड़े नतीजे सामने आ सकते हैं.
ट्रेड डील को लेकर सर्जियो गोर ने कहा कि अब सिर्फ कानूनी मसलों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. उन्होंने हाल ही में दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई बैठकों को बेहद सफल बताया. उनका कहना था कि डेढ़ साल से चल रही बातचीत अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और दोनों पक्ष ऐसे समझौते की ओर बढ़ रहे हैं जिससे दोनों देशों को बराबर फायदा होगा.
भारत आने को उत्साहित हैं ट्रंप!
सर्जियो गोर ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप खुद भारत आने को लेकर उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि हाल ही में ओवल ऑफिस में ट्रंप ने उनसे पूछा था कि आखिर उनका भारत दौरा कब होगा. हालांकि उन्होंने तारीख की पुष्टि नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि भारत ट्रंप की प्राथमिकता वाले देशों में शामिल है.
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भारत-अमेरिका की साझेदारी पर बात करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी, रक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने बताया कि अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और माइक्रॉन जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनियां भारत में लगातार निवेश बढ़ा रही हैं, जबकि भारतीय कंपनियां भी अमेरिका में तेजी से अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही हैं.
दोनों अमेरिकी नेताओं के बयानों से साफ है कि आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका संबंध व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और हाई-टेक सेक्टर में नई रफ्तार पकड़ सकते हैं. अगर प्रस्तावित ट्रेड डील पूरी होती है और राष्ट्रपति ट्रंप का भारत दौरा तय कार्यक्रम के मुताबिक होता है, तो यह दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क