भारत में BRICS समिट के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका को साफ नसीहत देते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट को किसी "रीजनल पुलिसमैन" की जरूरत नहीं है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर कहा कि सब कुछ ठीक हो जाएगा.
पेजेश्कियान ने शनिवार को नई दिल्ली में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात के दौरान यह बयान दिया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा और उसकी सीमाओं की हिफाजत यहां के देशों और क्षेत्र के मुख्य खिलाड़ियों के जरिए ही सुनिश्चित की जा सकती है. उन्होंने कहा कि इस इलाके को अमेरिका जैसे किसी बाहरी "रीजनल पुलिसमैन" की जरूरत नहीं है.
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इनके अलावा आजतक से बातचीत में भी पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरानी सरकार को कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन वे अपने मकसद में सफल नहीं हो पाए. उन्होंने कहा कि इस पूरी स्थिति ने ईरानी लोगों को पहले से ज्यादा एकजुट कर दिया है. पेजेश्कियान का यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. ईरान की ओर से होर्मुज में जारी नाकेबंदी के कारण कमर्शियल जहाजों और तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर क्या कहा?
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वह सऊदी अरब को लेकर बढ़ी नई चिंताओं के बीच होर्मुज से जहाजों की आवाजाही शुरू कराने में मदद कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा, "सब कुछ ठीक हो जाएगा." ट्रंप ने आयरलैंड के राष्ट्रपति कैथरीन कॉनॉली से मुलाकात के बाद डबलिन में यह बयान दिया. ट्रंप ने ईरान को लेकर यह भी कहा कि जंग बहुत जल्द खत्म होगी और इसके बाद तेल की कीमतें गिरेंगी.
सऊदी अरब से जुड़े एक पाइपलाइन हमले पर ट्रंप ने कहा कि इसके पीछे ईरान की जिम्मेदारी होने की संभावना है. उन्होंने यह भी कहा कि हूती अमेरिका से लड़ना नहीं चाहते. ट्रंप ने होर्मुज को लेकर कहा कि अमेरिका स्ट्रेट को कंट्रोल करता है. वहीं ईरान लगातार इस इलाके में अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहा है.
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सऊदी अरब और बाब-अल-मंदेब पर भी दबाव
होर्मुज संकट के बीच सऊदी अरब ने शुक्रवार को एक बड़ी पाइपलाइन को बंद कर दिया. यह कदम इराक से आए ड्रोन हमले के एक दिन बाद उठाया गया. इसी दौरान ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तट पर तेजी से बढ़त बनाई और बाब-अल-मंदेब रूट पर भी अपना कंट्रोल मजबूत करने का दावा किया है.
ऐसे में होर्मुज और बाब-अल-मंदेब, दोनों अहम समुद्री रास्तों पर बढ़ते तनाव ने खाड़ी से तेल की सप्लाई और दुनिया भर में कमर्शियल शिपिंग को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
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