अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को BBC के खिलाफ दायर 10 अरब डॉलर के मानहानि मुकदमे में 11 दिसंबर तक अपना बयान देना होगा. गुरुवार को एक फेडरल जज ने ट्रंप को इस मामले में डिपोजिशन के लिए पेश होने का आदेश दिया.
अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज एनजोलिके लेट का यह आदेश BBC के वकीलों की शिकायत के बाद आया. BBC के वकील चार्ल्स टोबिन ने कहा कि डिस्कवरी की अवधि खत्म होने में दो महीने बाकी हैं, लेकिन अब तक ट्रंप का बयान नहीं लिया जा सका है.
टोबिन ने बताया कि ट्रंप के बयान के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय हुई थी, लेकिन ट्रंप ने इसे 'राष्ट्रीय महत्व के मामले' के चलते रद्द कर दिया था. टोबिन ने कहा कि उस दिन ट्रंप वास्तव में जॉर्जिया में चुनाव प्रचार कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने बयान देने के बजाय पार्टी की राजनीति को प्राथमिकता दी. जज लेट ने कहा कि ट्रंप को 11 दिसंबर तक बयान देना होगा. ऐसा नहीं करने पर उनके मुकदमे को खारिज करने तक की कार्रवाई हो सकती है. हालांकि, अगर डिस्कवरी की अवधि 18 दिसंबर के बाद तक बढ़ाई जाती है तो यह स्थिति अलग हो सकती है.
18 दिसंबर को खत्म होनी है डिस्कवरी की अवधि
डिस्कवरी की प्रक्रिया 18 दिसंबर को खत्म होने वाली है. इस दौरान दोनों पक्षों के वकील दस्तावेज और अन्य सबूत एक-दूसरे से साझा करते हैं. BBC के वकील चाहते हैं कि इस समयसीमा से पहले ट्रंप का बयान हो जाए. जज ने कहा कि ट्रायल का शेड्यूल बदलने का अधिकार सिर्फ मामले की अध्यक्षता कर रहे जज के पास है. वहीं, बचाव पक्ष ने कहा कि अगर ट्रायल की तारीख भी आगे बढ़ाई जाती है तो वह बाद में बयान की तारीख तय करने के लिए तैयार है.
ट्रंप ने पिछले दिसंबर में BBC के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. उन्होंने BBC पर मानहानि के साथ-साथ एक डॉक्यूमेंट्री 'Trump: A Second Chance' को लेकर धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार का आरोप लगाया था.
aajtak.in