अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुर्की यात्रा के दौरान सामने आई कथित ईरानी हत्या की साजिश को लेकर अब नया और सनसनीखेज दावा सामने आया है. मिडिल ईस्ट आई के मुताबिक, तुर्की के अधिकारियों को शक है कि ईरान के जरिए ट्रंप की हत्या की साजिश की इजरायली खुफिया रिपोर्ट शायद एक चाल थी, जिसका मकसद ईरान के साथ चल रही बातचीत को पटरी से उतारना और ट्रंप के तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ बढ़ते रिश्तों को कमजोर करना था.
8 जुलाई को नाटो समिट के बाद ट्रंप के तुर्की से रवाना होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था अचानक बढ़ा दी गई थी. अमेरिकी अधिकारियों ने तुर्की को इजरायल से मिली ऐसी खुफिया जानकारी दी थी, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान का एक गुप्त ऑपरेशन यूनिट ट्रंप के विमान को निशाना बना सकता है. रिपोर्ट में शोल्डर टू एयर मिसाइलों यानी MANPADS के इस्तेमाल की आशंका जताई गई थी.
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इसके बाद ट्रंप की सुरक्षा टीम ने अतिरिक्त कदम उठाए. पहले उनका विमान बदलकर दूसरे एयरपोर्ट से रवाना करने की तैयारी हुई. बाद में पुराने एयर फोर्स वन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें नए विमान के मुकाबले ज्यादा सुरक्षा क्षमताएं थीं. हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप को एयरपोर्ट कैटरिंग वाहन के जरिए चुपचाप एक सैन्य विमान C-32 तक ले जाया गया था.
तुर्की को क्यों हुआ शक?
तुर्की के अधिकारियों का दावा है कि खुफिया रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई जब ट्रंप ईरान के साथ युद्ध खत्म करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की बातचीत आगे बढ़ा रहे थे. वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान पर दबाव और सैन्य कार्रवाई जारी रखने के पक्ष में थे.
तुर्की के सूत्रों के मुताबिक, उन्हें यह रिपोर्ट संदिग्ध लगी क्योंकि ईरान ने तुर्की की जमीन पर पहले असंतुष्टों के खिलाफ ऑपरेशन किए हैं, लेकिन ट्रंप जैसे हाई-प्रोफाइल अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ इस तरह का जटिल हमला करने की संभावना उन्हें बेहद कम लगी.
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इजरायल पर बड़ा आरोप, लेकिन पुख्ता सबूत नहीं
मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट में यह दावा तुर्की के अधिकारियों और मामले से परिचित लोगों के हवाले से किया गया है. हालांकि, अभी ऐसा कोई सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि इजरायल ने जानबूझकर फर्जी खुफिया जानकारी दी थी या ट्रंप की हत्या की साजिश रची थी.
अमेरिकी मीडिया में भी यह सामने आया था कि इजरायल ने अमेरिका को ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिश की जानकारी दी थी. कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने हालांकि संकेत दिया था कि यह किसी ठोस हमले की योजना के बजाय ईरानी अधिकारियों के बीच ट्रंप की हत्या को लेकर सामान्य चर्चा से जुड़ी जानकारी भी हो सकती थी.
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