कुर्सी बचाने के लिए भारत को बना रहे 'दुश्मन'! पीएम ट्रूडो कनाडा में ही घिरे

भारत पर विदेशी हस्तक्षेप का बेतुका आरोप लगाने वाले कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो अपने ही घर में घिर गए हैं. विपक्षी पार्टी जहां उन पर चीनी प्रभाव में होने का आरोप लगा रही हैं, वहीं ट्रूडो की खुद की पार्टी कह रही है कि अब उनके जाने का समय आ गया है.

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जस्टिन ट्रूडो अपने घर में ही घर गए हैं (Photo- Reuters) जस्टिन ट्रूडो अपने घर में ही घर गए हैं (Photo- Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 6:47 PM IST

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए भारत पर आरोप लगाने वाले कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ट्रूडो अपने ही देश में बुरी तरह घिर गए हैं. कनाडा की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के प्रमुख पियरे पोलीवरे ने ट्रूडो पर झूठ बोलने और चीन की मदद से दो चुनाव जीतने का आरोप लगाया है. पोलीवरे ने कहा कि ट्रूडो ने कनाडा के आंतरिक मामलों में भारत को लेकर जो दावे किए हैं, वो भ्रामक हैं. 

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इससे पहले ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि कंजर्वेटिव पार्टी के कुछ सांसदों का संबंध विदेशी शक्तियों से है. इसे लेकर पोलीवरे ने कहा कि उनकी मांग के बावजूद ट्रूडो ने उन सांसदों का नाम जारी नहीं किया है जिन्हें लेकर उनका दावा है कि उनके संबंध विदेशी शक्तियों से हैं. 

पोलीवरे ने कहा, 'जस्टिन ट्रूडो वही कर रहे हैं जो वे हमेशा करते हैं, वो झूठ बोल रहे हैं. वो अपनी नेतृत्व के खिलाफ लिबरल कॉकस के विद्रोह से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं. कॉकस ने खुलासा किया था कि उन्होंने जानबूझकर चीन को हस्तक्षेप करने दिया जिसने दो चुनाव जीतने में उनकी मदद की.'

कनाडा में अगले साल चुनाव होने हैं और इससे पहले सामने आ रही रेटिंग्स में ट्रूडो काफी पीछे चल रहे हैं. ट्रूडो के खिलाफ विपक्षी पोलीवरे को दोहरे अंकों की बढ़त हासिल है. 

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घरेलू विवाद से ध्यान हटाने के लिए हालिया तनाव का इस्तेमाल कर रहे ट्रूडो

कनाडा की एक अन्य विपक्षी पार्टी पीपुल्स पार्टी ऑफ कनाडा के नेता मैक्सिम बर्नियर ने गुरुवार को कहा कि जस्टिन ट्रूडो भारत के साथ राजनयिक संकट का इस्तेमाल घरेलू विवादों से ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं.

बर्नियर ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर किए गए एक ट्वीट में लिखा, 'अगर यह सच है कि भारतीय राजनयिकों ने हमारे क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में हिस्सा लिया तो यह बेहद ही गंभीर मामला है और इनसे निपटा जाना चाहिए. हालांकि, अभी तक हमें कोई सबूत नहीं दिया गया है और ट्रूडो साफ तौर पर इस संकट का इस्तेमाल अन्य विवादों से ध्यान हटाने के लिए कर रहे हैं.'

बर्नियर ने ट्रूडो की सरकार पर आरोप लगाया कि यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि कनाडा ने ऐसे लोगों और उनके संघर्षों को देश में आने दिया. उन्होंने कहा, 'हमें इस बड़ी गलती को पहचानना चाहिए. इस मुद्दे पर एक उभरती हुई विश्व शक्ति और एक महत्वपूर्ण सहयोगी के साथ अपने संबंधों को खतरे में डालने के बजाय समाधान खोजने के लिए भारत सरकार के साथ काम करना चाहिए.'

ट्रूडो की पार्टी के नेता ने ही मांग लिया इस्तीफा

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ट्रूडो केो नेतृत्व पर विपक्षी पार्टियां ही नहीं बल्कि खुद उनकी लिबरल पार्टी के सांसद भी सवाल उठा रहे हैं. लिबरल पार्टी के एक सांसद ने तो ट्रूडो का इस्तीफा भी मांग लिया है. सीन केसी ने सीबीसी न्यूज नेटवर्क के शो पावर एंड पॉलिटिक्स पर बात करते हुए कहा, 'मुझे अपने निर्वाचन क्षेत्र से साफ और मजबूत संदेश मिल रहा है कि अब ट्रूडो के जाने का समय आ गया है और मैं इससे सहमत हूं.'

मॉन्ट्रियल क्षेत्र के लिबर पार्टी के सांसद एंथनी हाउसफादर ने भी ट्रूडो को निशाने पर लिया है. उन्होंने मांग की है कि पार्टी के अंदर इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि ट्रूडो को पार्टी का नेतृत्व जारी रखना चाहिए या नहीं.

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