ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सोमवार को देश के सर्वोच्च प्रशासनिक कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट से अपनी पत्नी के साथ बाहर आकर जनता की तालियों और भारी उत्साह के बीच प्रधानमंत्री पद और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया. पिछले कुछ दिनों से जारी अटकलों के बाद हुए इस बड़े इस्तीफे के कारण किएर स्टार्मर पिछले 10 सालों में डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक के बाद समय से पहले पद छोड़ने वाले छठे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बन गए हैं.
किएर स्टार्मर ने पद छोड़ते समय भावुक होते हुए कहा कि वो देश के लाखों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से बदलने के उद्देश्य से ही राजनीति में आए थे. दो साल पहले जब वह इस ऐतिहासिक इमारत 10 डाउनिंग स्ट्रीट में आए थे, वह उनके जीवन का सबसे गौरवान्वित करने वाला पल था. सोमवार को जब उन्होंने अपनी विदाई का ऐलान किया तो जनता ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया.
ऋषि सुनक (2022-24)
किएर स्टार्मर से ठीक पहले ऋषि सुनक (2022-24) ने जुलाई 2024 में समय से पहले आम चुनाव की घोषणा की थी. 4 जुलाई 2024 को हुए इन चुनावों में कंजर्वेटिव पार्टी को लेबर पार्टी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था. इस चुनावी शिकस्त की पूरी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सुनक ने अगले ही दिन 5 जुलाई 2024 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
लिज ट्रस
ब्रिटेन के इतिहास में लिज ट्रस का कार्यकाल सबसे कम, मात्र 45 दिनों का रहा. सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने एक आर्थिक मिनी-बजट पेश किया, जिसमें बड़े पैमाने पर टैक्स कटौती की घोषणा की गई थी. इसके कारण ब्रिटिश पाउंड में ऐतिहासिक गिरावट आई, बांड मार्केट में हाहाकार मच गया और आर्थिक अस्थिरता फैल गई, जिससे उन्हें अपने ही सांसदों और पार्टी में भारी विरोध का सामना करना पड़ा था. इससे नाराज होकर उन्होंने 20 अक्टूबर 2022 को इस्तीफा दे दिया.
पूर्व ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन का कार्यकाल विवादों और घोटालों से घिरा रहा. उन पर कोविड लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टी आयोजित करने यानी ‘पार्टीगेट’ का गंभीर आरोप लगा था. इसके साथ ही क्रिस पिंचर यौन उत्पीड़न मामले में विवाद के कारण जुलाई 2022 में उनके मंत्रिमंडल के दर्जनों मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए, इसके भारी दबाव और विश्वास खोने के बाद 7 जुलाई 2022 को जॉनसन ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.
थेरेसा मे
डेविड कैमरन के इस्तीफे के बाद थेरेसा मे ने ब्रिटेन की सत्ता संभाली थी. उनका मुख्य काम ब्रेग्जिट समझौते (Brexit) को संसद से पारित कराना था, लेकिन उनका विथड्रॉल एग्रीमेंट (Withdrawal Agreement) संसद के अंदर तीन बार भारी अंतर से हार गया. अपनी ही पार्टी के अंदर गहरे विभाजन, बार-बार मिल रही पराजय और नेतृत्व को मिल रही खुली चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इसके परिणामस्वरूप थेरेसा मे को भी वक्त से पहले ही अपने पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था.
डेविट कैमरन
इस सिलसिले की शुरुआत साल 2016 में डेविड कैमरन के इस्तीफे से हुई थी. कैमरन ने ब्रिटेन के यूरोपीय संघ (EU) में बने रहने या अलग होने को लेकर एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह कराया था. वो खुद ईयू में बने रहने (Remain) के बड़े समर्थक थे, लेकिन 23 जून 2016 को जनता ने अलग होने (Leave) के पक्ष में 52% वोट दे दिया, जिसके बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने 24 जून को इस्तीफा देने की घोषणा की और 13 जुलाई 2016 को औपचारिक रूप से पीएम पद से इस्तीफा दे दिया.
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