न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच चल रही राजनीतिक जुबानी जंग अब एक नए स्तर पर पहुंच गई है. नेतन्याहू की दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी ने तेल अवीव में एक बड़ा पोस्टर लगाया है, जिसमें ममदानी को ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन के साथ दिखाया गया है.
पोस्टर पर लिखा है, “वे चाहते हैं कि नेतन्याहू हारें, उन्हें जीतने मत देना.” इसके साथ लिकुड पार्टी का लोगो भी लगाया गया है. नेतन्याहू ने खुद इस पोस्टर की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की. उन्होंने ममदानी के उन बयानों का वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री को ‘वॉर क्रिमिनल’ कहा था.
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ममदानी लंबे समय से गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के मुखर आलोचक रहे हैं. अपने मेयर चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने इजरायल की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे. पिछले महीने उन्होंने नेतन्याहू को ‘वॉर क्रिमिनल’ बताते हुए कहा था कि उन्हें हेग में होना चाहिए.
ममदानी ने नेतन्याहू को अरेस्ट करने का किया था ऐलान
जोहरान ममदानी ने कहा था कि अगर नेतन्याहू सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए न्यूयॉर्क आते हैं, तो अमेरिकी अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत यानी ICC के उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को लागू करना चाहिए.
इसके जवाब में नेतन्याहू ने ममदानी पर न्यूयॉर्क में ‘नफरत फैलाने’ और अलग-अलग धार्मिक समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने का आरोप लगाया है. नेतन्याहू ने यह भी चेतावनी दी है कि ममदानी जैसे प्रोग्रेसिव नेताओं के कारण अमेरिकी डेमोक्रेट्स के बीच इजरायल के समर्थन में कमी आ सकती है.
2023 के हमास हमले के बाद पहली बार इजरायल में चुनाव
यह पोस्टर ऐसे समय सामने आया है जब नेतन्याहू खुद इजरायल में चुनावी दबाव का सामना कर रहे हैं. जुलाई में इजरायल की संसद भंग हो गई थी और अक्टूबर में चुनाव होने का रास्ता साफ हुआ. 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव होगा.
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नेतन्याहू की दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार फिलहाल ओपिनियन पोल में पिछड़ती दिख रही है. ऐसे में ममदानी पर हमला उनके घरेलू चुनावी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है. दोनों नेताओं की यह तकरार ऐसे वक्त बढ़ रही है जब गाजा में सीजफायर को लेकर अमेरिका और इजरायल की कोशिशें भी अटकी हुई हैं. इजरायल का कहना है कि हमास के हथियार डालने तक उसकी सेना गाजा से पूरी तरह वापस नहीं होगी.
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