बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, नीले ड्रम में मिला ज्वैलर का शव

बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में 50 वर्षीय हिंदू ज्वैलर निरंजन चंद्र सूत्रधार का शव एक प्लास्टिक के ड्रम में पाया गया. पुलिस ने शव की पहचान उसके ट्राउज़र की जेब में मिले कोऑपरेटिव क्रेडिट यूनियन के टोकन से की. निरंजन 20 सितंबर से लापता थे और उनके शव पर चोट के निशान पाए गए हैं.

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सांकेतिक तस्वीर (AI Generated) सांकेतिक तस्वीर (AI Generated)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:49 PM IST

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या से हड़कंप मच गया है. मयमनसिंह जिले में स्लुइस गेट के पास पानी में तैरते एक प्लास्टिक के ड्रम से 50 वर्षीय हिंदू ज्वैलर का शव बरामद हुआ है. मृतक अठारबाड़ी बिल्डिंग इलाके में ज्वैलरी की दुकान चलाते थे. 

मृतक की पहचान निरंजन चंद्र सूत्रधार के रूप में हुई है. बांग्लादेशी अखबार 'दैनिक इत्तेफ़ाक' की रिपोर्ट के मुताबिक बेगुनबाड़ी इलाके में स्थानीय लोगों को एक ड्रम तैरता हुआ दिखा. उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो ड्रम में से हिंदू ज्वैलर का शव बरामद किया गया. 

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स्थानीय मीडिया 'दैनिक इत्तेफ़ाक' के मुताबिक, पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान उसके ट्राउज़र की जेब में मिले 'मयमनसिंह हिंदू कोऑपरेटिव क्रेडिट यूनियन लिमिटेड' के टोकन से की. बाद में मृतक की पत्नी और बेटे ने उसकी पहचान की पुष्टि की.  

टोकन से पीड़ित की पहचान पता चली

कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर रूहुल अमीन ने बांग्लादेशी अखबार दैनिक इत्तिफ़ाक को बताया कि कोऑपरेटिव क्रेडिट यूनियन के ज़रिए निरंजन की पहचान का पता लगाने के लिए टोकन का इस्तेमाल किया गया था. फिर पुलिस ने पहचान की पुष्टि करने के लिए उसके परिवार से संपर्क किया. 

यह भी पढ़ें: 'बेटी की हत्या कर पंखे से लटकाया...', गुरुग्राम के PG में मिला लिव-इन में रह रही युवती का शव, मां के गंभीर आरोप

हालांकि, पुलिस अब तक इस हत्या में शामिल आरोपी और हत्या के पीछे की वजह का पता नहीं लगा पाई है. दैनिक इत्तिफ़ाक के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक इस मामले में किसी को भी हिरासत में नहीं लिया गया है. पुलिस के मुताबिक, शव पर चोट के निशान थे और उन्हें आशंका है कि निरंजन की हत्या करने से पहले उसे ड्रम में रखकर पानी में फेंका गया था.

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निरंजन चंद्र सूत्रधार 20 सितंबर से लापता थे. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, निरंजन मैमनसिंह के स्टेडियम इलाके में अपनी पत्नी और बेटे के साथ एक मकान में किराए पर रख रहे थे. वे 20 तारीख से लापता थे.

जानकारी के मुताबिक, उनके एक भतीजे ने उन्हें स्टेडियम इलाके में देखा था. पुलिस ने बताया कि पहले भी वे कई दिनों तक घर से बाहर रहे थे, हालांकि वे हर बार लौट आते थे. इसलिए शुरू में उनके परिवार को लगा कि वे कुछ दिन में लौट आएंगे. और ऐसे में उन्होंने उनके लापता होने की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई. 

इस मामले के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है. 

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