बलोचिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ जारी संघर्ष में अब महिलाओं की सशस्त्र यूनिट भी चर्चा में है. Balochistan Liberation Front यानी BLF ने करिमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन यानी KAAD नाम की महिला ब्रिगेड बनाने का ऐलान किया है. संगठन के मुताबिक, यह यूनिट सीधे सैन्य अभियानों में हिस्सा लेगी. BLF ने दावा किया है कि KAAD से जुड़ी लड़ाकों ने तुरबत और कलात के पास दो अलग-अलग अभियानों में कुल 9 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को मार गिराया.
BLF की ओर से किए गए इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पाकिस्तान के अधिकारियों ने भी इन दोनों अभियानों में 9 सैन्यकर्मियों के मारे जाने के दावे की पुष्टि नहीं की है. संगठन ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर इन अभियानों की जानकारी दी है और कई अन्य लोगों के घायल होने का भी दावा किया है.
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KAAD में महिलाओं को सैन्य ट्रेनिंग
KAAD, BLF की नई महिला सशस्त्र यूनिट है. BLF ने सितंबर 2026 में इसके गठन का ऐलान किया था. इसके बाद संगठन ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें महिला सदस्यों को सैन्य ट्रेनिंग करते दिखाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में महिलाएं हथियार चलाने के साथ-साथ वाहनों और मोटरसाइकिलों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग करती नजर आती हैं.
BLF का कहना है कि KAAD में महिलाओं की भूमिका सिर्फ लड़ाई तक सीमित नहीं होगी. संगठन के मुताबिक, इस यूनिट से जुड़ी महिलाएं खुफिया जानकारी जुटाने, संचार, मेडिकल मदद और लॉजिस्टिक जैसे काम भी करेंगी. यानी संगठन ने महिलाओं को सैन्य अभियानों के साथ-साथ दूसरे ऑपरेशनल कामों में भी शामिल करने की बात कही है.
BLF का दावा है कि KAAD से जुड़ी लड़ाकों ने पहले तुरबत के पास और फिर कलात इलाके में पाकिस्तानी सैन्य काफिलों को निशाना बनाया. संगठन ने इन दोनों अभियानों में कुल 9 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को मार गिराने और कई अन्य के घायल होने का दावा किया है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तान की ओर से भी इसकी पुष्टि नहीं की गई है.
करिमा बलूच के नाम पर रखा गया यूनिट का नाम
KAAD की खास बात यह है कि इसका नाम करिमा बलूच के नाम पर रखा गया है. करिमा बलूच बलोचिस्तान की प्रमुख महिला एक्टिविस्ट और बलोच स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन-आजान की पूर्व अध्यक्ष थीं. 2020 में कनाडा के टोरंटो में उनकी मौत हो गई थी. BLF करिमा बलूच को बलोच आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाली प्रमुख शख्सियत के तौर पर पेश करता है. इसी वजह से संगठन ने अपनी नई महिला सशस्त्र यूनिट का नाम उनके नाम पर रखा है.
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क्या है BLF का बैकग्राउंड?
BLF यानी बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट एक बलोच अलगाववादी सशस्त्र संगठन है. दी गई जानकारी के मुताबिक, इसकी स्थापना 1964 में जुम्मा खान मरी ने दमिश्क में की थी. संगठन बाद में लंबे समय तक निष्क्रिय रहा और 2000 के दशक में फिर सक्रिय हुआ. BLF पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर हमलों की जिम्मेदारी लेता रहा है.
KAAD के गठन के साथ बलोचिस्तान के लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष में महिलाओं की सशस्त्र भूमिका भी सामने आई है. BLF की ओर से जारी वीडियो में महिला सदस्यों को सैन्य ट्रेनिंग करते दिखाया गया है, जबकि संगठन ने उन्हें सीधे सैन्य अभियानों के अलावा खुफिया जानकारी, संचार, मेडिकल मदद और लॉजिस्टिक से जुड़े कामों में शामिल करने की बात कही है.
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