‘बस से नीचे उतरो… मोबाइल-कैश दो!’ पाकिस्तान में फुटबॉल टीम को बंदूक की नोक पर लूटा

कराची से क्वेटा जा रही फुटबॉल टीम को बलूचिस्तान में बंदूक की नोक पर लूट लिया गया. मस्तुंग और सरियाब के बीच करीब एक दर्जन हथियारबंद लोगों ने बस रोककर खिलाड़ियों के मोबाइल, नकदी और कीमती सामान छीन लिए.

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कराची से क्वेटा जा रही थी फुटबॉल टीम. (Photo @Baloch_Nojawan) कराची से क्वेटा जा रही थी फुटबॉल टीम. (Photo @Baloch_Nojawan)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • कराची,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST

पाकिस्तान में फुटबॉल टीम का क्वेटा जाना भारी पड़ गया. कराची से क्वेटा जा रही कराची डिस्ट्रिक्ट वेस्ट की फुटबॉल टीम को बलूचिस्तान हाईवे पर बंदूकधारियों ने रोक लिया और खिलाड़ियों समेत बस में सवार यात्रियों को लूट लिया. टीम चीफ मिनिस्टर गोल्ड कप टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जा रही थी.

घटना सोमवार शाम मस्तुंग और सरियाब के बीच हुई. करीब एक दर्जन हथियारबंद लोगों ने टीम की बस को हाईवे पर रोक लिया. बंदूकधारियों ने सभी यात्रियों को बस से नीचे उतरने को कहा और इसके बाद खिलाड़ियों के मोबाइल फोन, नकदी और दूसरी कीमती चीजें लूट लीं. इस दौरान कुछ यात्रियों के साथ मारपीट भी की गई.

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टीम मैनेजर जुल्फिकार अली भुट्टो ने घटना का खौफनाक अनुभव सुनाते हुए कहा, 'हथियारबंद लोगों ने सभी यात्रियों को बस से उतरने को कहा और फिर उनके मोबाइल फोन, नकदी और दूसरी कीमती चीजें ले लीं. कुछ यात्रियों के सिर पर बंदूक के पिछले हिस्से से वार भी किया गया.'

क्वेटा पहुंचते ही खेल मंत्री से लगाई गुहार

लूट के बाद टीम जब क्वेटा पहुंची तो खिलाड़ियों के पास खर्च के लिए पैसे तक नहीं बचे थे. टीम ने पूरे मामले की जानकारी बलूचिस्तान के खेल मंत्री को दी. मंत्री ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए खिलाड़ियों के लिए दैनिक भत्ते की व्यवस्था कराई.

लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सिंध फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव मुहम्मद आजम ने बताया कि टीम को क्वेटा जाने से पहले सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी गई थी.

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उन्होंने कहा, 'हमने सिंध की टीम नहीं भेजी थी और कराची के दूसरे क्लबों को भी बस या ट्रेन से क्वेटा जाने से बचने की सलाह दी थी, क्योंकि सुरक्षा की स्थिति ठीक नहीं थी. कराची वेस्ट की टीम फिर भी चली गई और वही हुआ जिसका हमें डर था.'

आजम के मुताबिक पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा की फुटबॉल एसोसिएशन ने भी अपनी टीमें टूर्नामेंट में नहीं भेजीं.

कुछ दिन पहले क्रिकेटरों के अपहरण की खबर

बलूचिस्तान में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर यह अकेली घटना नहीं है..कुछ दिन पहले डेरा बुगती से दो स्थानीय क्रिकेटरों के अपहरण की खबर भी सामने आई थी.

मस्तुंग जिले को क्वेटा से जोड़ने वाला हाईवे लंबे समय से उग्रवादी समूहों की गतिविधियों के कारण संवेदनशील इलाका बना हुआ है. यात्रियों को निशाना बनाकर लूटपाट की घटनाओं ने इस रास्ते पर सफर को लेकर सुरक्षा चिंताएं और बढ़ा दी हैं.

ऐसे में जिस टूर्नामेंट में फुटबॉल खिलाड़ी मैदान पर अपना हुनर दिखाने पहुंचे थे, वहां पहुंचने से पहले ही उन्हें हाईवे पर बंदूक की नोक और लूट का सामना करना पड़ा.

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