पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक जगह 26 लोगों का समूह संदिग्ध हालत में नजर आया. स्थानीय लोगों ने पहचान को लेकर सवाल किए तो पूरा ग्रुप वहां से भागने लगा. कुछ लोग धान के खेत में घुस गए. ग्रामीणों ने पीछा कर सभी को घेर लिया और प्रशासन को सूचना दी. शुरुआती पूछताछ में 25 लोगों ने खुद को बांग्लादेश के ठाकुरगांव जिले का निवासी बताया, जबकि एक व्यक्ति पश्चिम बंगाल का रहने वाला मिला.
सुबह का वक्त था. करीब 5 बज रहे थे. दक्षिण दिनाजपुर के कुशमंडी थाना इलाके में लोहागंज के कांकिपारा कदमतला क्रॉसिंग पर लोगों की नजर एक ऐसे समूह पर पड़ी, जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान खींच लिया. एक-दो लोग होते तो शायद किसी ने ज्यादा गौर नहीं किया होता. लेकिन यहां 26 लोग एक साथ खड़े थे. स्थानीय लोगों को कुछ गड़बड़ लगी. उन्होंने समूह के लोगों से उनकी पहचान के बारे में पूछताछ शुरू की.
इसके बाद कहानी अचानक बदल गई. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहचान को लेकर सवाल होते ही समूह के लोग वहां से पंचनगर की तरफ भागने लगे. कुछ ही देर में वे धान के खेत में घुस गए. अब ग्रामीणों ने उनका पीछा शुरू कर दिया. लोगों ने पूरे समूह को घेर लिया और उन्हें पंचनगर के आम के बाग वाले इलाके में ले आए. इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई. शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि समूह में शामिल 25 लोगों ने खुद को बांग्लादेश के ठाकुरगांव जिले का रहने वाला बताया. वहीं एक व्यक्ति इनमें पश्चिम बंगाल का ही निकला.
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इसके बाद पहचान से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई. ग्रुप के कुछ लोगों के पास भारतीय आधार कार्ड के साथ बांग्लादेशी पहचान पत्र भी मिले. पूछताछ में एक और बात सामने आई. ग्रुप के लोगों के बयानों के मुताबिक, उनमें से कुछ पिछले करीब दो साल से कश्मीर में रह रहे थे. अब सवाल यह है कि अगर वे बांग्लादेश के ठाकुरगांव जिले के रहने वाले हैं, तो पिछले दो साल से कश्मीर में कैसे रह रहे थे.
वहां से दक्षिण दिनाजपुर तक कैसे पहुंचे? इसी के साथ बांग्लादेश जाने से जुड़ी कथित पैसों की लेन-देन की जानकारी भी पूछताछ में सामने आने की बात कही जा रही है. शुरुआती तौर पर मामला सिर्फ पहचान का नहीं दिख रहा. लोगों की आवाजाही, उनके दस्तावेज और भारत से बांग्लादेश तक आने-जाने की पूरी कड़ी को समझना जांच के लिए अहम हो सकता है. फिलहाल प्रशासन और पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर रही है.
जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि ये लोग वास्तव में कहां से आए थे, दक्षिण दिनाजपुर तक कैसे पहुंचे, उनके पास मौजूद पहचान पत्र असली हैं या नहीं और भारत में उनके रहने से जुड़े दस्तावेज क्या कहते हैं. आखिर मंगलवार सुबह 5 बजे 26 लोग एक साथ कांकिपारा कदमतला क्रॉसिंग पर क्या कर रहे थे? इसका जवाब पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा.
अंशुल सिंह