पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के घर पर देर रात हुए हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुस्सा फूट पड़ा है. काली पूजा और दीपावली के मौके पर घटी इस घटना के बाद ममता ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए इसे 'गुंडागर्दी' करार दिया है.
ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'कल काली पूजा और दिवाली है. बीती रात 2:00 बजे अभिषेक बनर्जी के घर पर हमला किया गया. ये हमारा इलाका है, जहां से मां काली के कई जुलूस निकलते हैं. आप इतनी अव्यवस्था क्यों फैला रहे हैं?'
उन्होंने आगे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, 'आपने हमारी पारंपरिक, सालों पुरानी पूजा की अनुमतियां रद्द कर दीं और उसकी जगह नई पूजा आयोजित करने की अनुमति दे दी. इसके अलावा, आपने बीती रात हमारे स्थानीय क्लबों को काम करने से रोक दिया. हम INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं और यही उनके गुस्से का कारण है.'
'बुलडोजर इस्तेमाल करने की हिम्मत है तो...'
ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'यहां पूरी गुंडागर्दी चल रही है. लोग सुबह 2:00 या 3:00 बजे यहां आ जाते हैं. अगर आपमें बुलडोजर इस्तेमाल करने की हिम्मत है, तो आप काली पूजा के जश्न पर हमला करने के लिए सुबह 3:00 बजे गुंडों के गिरोह के साथ यहां क्यों आते हैं? हम यहां पार्टी से जुड़ा काम कर रहे हैं और आप इसे बाधित करने आ रहे हैं.'
ममता बनर्जी ने इसे पूरी तरह गैरकानूनी बताते हुए कहा कि हमारे इलाके के क्लब को देखिए. उन्होंने हमें पूरी रात अपनी गतिविधियां नहीं चलाने दीं. मुख्य सड़क पर जो 'पूजा' पंडाल लगाया गया है, उसे गैरकानूनी अनुमति दी गई है. वहां पहले कभी पूजा नहीं होती थी, ये अंदर होती थी. कल शाम करीब 9 बजे उन्होंने इसे ठीक सड़क के मोड़ पर रख दिया, जिससे हमारी खुद की 'पूजा' का रास्ता बंद हो गया. ये क्या है? ये सरासर सीनाजोरी और उत्पीड़न है.
उन्होंने पूछा, 'आप बुलडोजर लाना चाहते हैं? आगे बढ़िए- हम पर, हमारे शरीरों पर बुलडोजर चढ़ा दीजिए.'
अभिषेक बनर्जी का दावा- छह महीनों में जान लेने की सातवीं कोशिश
बता दें कि सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि दो दिनों तक लगातार रेकी करने के बाद, देर रात 2 बजे 'बीजेपी के गुंडों' ने उनके घर पर हमला कर दिया. उन्होंने कहा, 'अगर एक चुने हुए सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो पश्चिम बंगाल में आम आदमी की हालत की कल्पना कीजिए.'
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उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में उनकी जान लेने की ये सातवीं कोशिश है. इसके बावजूद न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही कोई न्यायिक हस्तक्षेप हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य भर में गुंडे उपद्रव कर रहे हैं क्योंकि न्यायपालिका आंखें मूंदे बैठी है.
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