पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के तेहट्टा में बुधवार को TMC सांसद महुआ मोइत्रा के कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन हुआ. TMC ने आरोप लगाया है कि BJP कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके. प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए, ‘गो बैक’ के नारे लगाए. पुलिस मौके पर मौजूद थी, इसके बावजूद अंडे फेंके जाने का आरोप है. यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी महुआ मोइत्रा पर अंडे फेंके जा चुके हैं.
महुआ मोइत्रा तेहट्टा में पार्टी की बैठक में शामिल होने पहुंची थीं. उनके मुताबिक, कार्यक्रम की जानकारी पहले ही पुलिस को दी गई थी. बैठक खत्म होने के बाद जब वह वहां से निकल रही थीं, तभी प्रदर्शन शुरू हो गया. इस दौरान उनके चेहरे पर अंडे के छिलके भी दिखाई दिए.
महुआ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पुलिस की मौजूदगी में अंडे फेंके जाने पर सवाल उठाया. उनका कहना था कि अदालत की ओर से ऐसी घटना को लेकर निर्देश दिए गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल 7 से 10 BJP कार्यकर्ता कार्यक्रम वाली जगह तक पहुंच गए और अंडे फेंकने लगे.
पुलिस पर भी उठाए सवाल
महुआ के मुताबिक, अदालत के निर्देश के तहत चार पुलिसकर्मी उनके साथ थे. घटना के दौरान कुछ और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. उनका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के बजाय पुलिस उन्हें ही वहां से कार में ले गई. इसके बाद उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में अंडे फेंके जाने पर सवाल उठाया. महुआ ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने अंडे फेंकते समय 'जय श्री राम' के नारे लगाए.
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का किया जिक्र
घटना के बाद महुआ ने सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया, जो कुछ समय पहले अंडे फेंके जाने की आशंका को लेकर हुई सुनवाई के दौरान की गई थी.
दरअसल, 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में महुआ की उस याचिका पर सुनवाई हुई थी, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी गई थी. इस मामले में उन्हें पुलिस के सामने पेश होने को कहा गया था. सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया था कि महुआ को धमकी मिली है कि उन पर अंडे फेंके जा सकते हैं. इस पर जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने मौखिक टिप्पणी की थी कि राजनीति में आने के बाद उन्हें अंडों से डरना नहीं चाहिए, जबकि स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां झेली थीं.
बुधवार की घटना के बाद महुआ ने इसी टिप्पणी का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उनका कहना था कि जिस बात की आशंका जताई गई थी, वह उनके साथ हो गई.
कुछ दिन पहले भी हुआ था विरोध
महुआ इससे पहले भी दो बार अंडे फेंके जाने का दावा कर चुकी हैं. उनका कहना है कि 13 जून को कृष्णनगर कोर्ट के बाहर पेशी के दौरान, जबकि 1 जुलाई को कालीगंज में विधायक आवास के बाहर BJP कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके थे.
तेहट्टा की घटना को लेकर महुआ ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. दूसरी तरफ, इस मामले में BJP का पक्ष अभी सामने नहीं आया है. ऐसे में अंडे फेंकने की घटना को लेकर महुआ की ओर से लगाए गए आरोपों पर BJP की प्रतिक्रिया का इंतजार है.
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