'कुछ छिपाने की कोशिश हो रही, आयोग को विस्तृत रिपोर्ट दूंगी', कोलकाता गैंगरेप केस में बोलीं महिला आयोग की सदस्य

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की सदस्य अर्चना मजूमदार ने कहा कि पुलिस पीड़िता के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकी, जिससे वह उससे मिल नहीं सकीं. उन्होंने कहा कि आयोग पीड़िता के साथ है और जब तक वह चाहेंगी, हम सहायता करते रहेंगे.

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कोलकाता गैंगरेप केस में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं कोलकाता गैंगरेप केस में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 29 जून 2025,
  • अपडेटेड 9:37 AM IST

कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की सदस्य अर्चना मजूमदार ने रविवार को कॉलेज का दौरा किया. ये वही कॉलेज है जहां 25 जून को लॉ की 24 वर्षीय छात्रा के साथ गैगरेप की घटना हुई थी. साथ ही महिला आयोग ने इस केस पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है. आयोग ने ये भी साफ किया कि मामले में सच्चाई सामने लाना बेहद ज़रूरी है.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अर्चना मजूमदार ने कहा कि पुलिस पीड़िता के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकी, जिससे वह उससे मिल नहीं सकीं. उन्होंने कहा कि आयोग पीड़िता के साथ है और जब तक वह चाहेंगी, हम सहायता करते रहेंगे. 

परिजनों से बात करना भी ज़रूरी: NCW

अर्चना मजूमदार ने ये भी स्पष्ट किया कि जांच का हिस्सा होने के नाते वह पीड़िता के माता-पिता से भी मिलना चाहती हैं, ताकि यह जाना जा सके कि उन्हें क्या ज़रूरत है. सुरक्षा, शिक्षा जारी रखने में मदद, या अन्य सहायता.

पुलिस से नोंकझोंक

अस्पताल के दौरे के दौरान अर्चना मजूमदार और कॉलेज परिसर में तैनात पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हुई, एक ACP ने कहा कि अर्चना मजूमदार के साथ आए दो अन्य लोगों को मोबाइल नंबर दर्ज कराने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई. साथ ही फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं दी गई. बाद में अर्चना मजूमदार कॉलेज परिसर के उस गार्ड रूम तक पहुंचीं, जहाँ यह कथित घटना हुई थी, लेकिन उन्होंने कहा कि मैं अपनी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं कर पाई. इसकी रिपोर्ट मैं आयोग को दूंगी.

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SIT कर रही केस की जांच 

बता दें कि इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, इसके साथ ही कॉलेज के एक सुरक्षा गार्ड को भी शनिवार सुबह गिरफ्तार किया गया. इस मामले की जांच के लिए एक 5 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई एक सहायक आयुक्त स्तर के अधिकारी कर रहे हैं.

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