कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 मौतों को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है. इस बीच, बीजेपी विधायक और आर जी कर हत्याकांड की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने इस भगदड़ के लिए सीधे तौर पर आम जनता को ही जिम्मेदार ठहरा दिया है.
रत्ना देबनाथ ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'लोग अगर बाहर निकल जाते तो बारिश में भीगते, तो इतनी भीड़ ही जमा नहीं होती. इंसानों की मानसिकता में बदलाव होना बहुत जरूरी है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर वो जांच की मांग भी करेंगी तो क्या होगा? मुख्यमंत्री ने पहले ही SIT का गठन कर दिया है और जांच चल रही है, ऐसे में वो और क्या मांग कर सकती हैं?
'बारिश में भीगते तो क्या होता?'
जब उनसे पूछा गया कि वो इस हादसे में किसकी लापरवाही मानती हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, 'गफलत तो है ही. गफलत लोगों की ही है, लोग अपने स्वार्थ के अलावा कुछ नहीं समझते. बारिश में भीगते तो क्या होता? कुछ भी नहीं होता.' वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या एग्जिट गेट पर पुलिस मौजूद नहीं थी, तो उन्होंने कहा कि वो खुद उस वक्त वहां मौजूद नहीं थीं, इसलिए इस बारे में कुछ नहीं कह सकतीं.
घोषणा करने वाला आरोपी संजीत राहा गिरफ्तार
दूसरी तरफ, चोरबागान पूजा पंडाल हादसे की जांच में जुटी पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की टीम ने नादिया जिले से पंडाल के उस कथित उद्घोषक को हिरासत में ले लिया है, जिसकी आवाज पर भगदड़ मचने का आरोप है.
यह भी पढ़ें: कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ जांच के लिए SIT बनी, 3 महीने में सौंपेगी रिपोर्ट
जांच में सामने आया है कि हादसे वाली उस रात को जब भारी भीड़ थी, तब पंडाल से ये घोषणा की गई थी कि पंडाल का एक हिस्सा गिरने वाला है. इस घोषणा के बाद ही वहां भगदड़ मच गई थी. आरोपी की पहचान पंडाल के कोषाध्यक्ष संजीत राहा उर्फ सेंटू के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने नादिया से दबोच लिया है.
बता दें कि इस मामले में पुलिस इससे पहले पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष को भी गिरफ्तार कर चुकी है.
अनुपम मिश्रा / तपस सेनगुप्ता