पश्चिम बंगाल के पूर्व विधायक जहांगीर खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ ने नेपाल बॉर्डर पर स्थित सिलीगुड़ी के पानी टंकी बाजार से गिरफ्तार कर लिया है. जहांगीर खान की गिरफ्तारी की खबर के बाद दक्षिण 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक को लेकर लोगों का आक्रोश भी खुलकर सामने आ गया.
दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र में आक्रोशित लोगों ने जहांगीर खान के दफ्तर पर धावा बोल दिया. लोगों ने बंद दफ्तर का ताला तोड़ दिया और अंदर पहुंचकर भी तोड़फोड़ की. तोड़फोड़ करने वाले लोग स्थानीय बताए जाते हैं. टीएमसी समर्थकों ने इसके लिए सूबे की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है.
जहांगीर खान के दफ्तर में बड़ी मात्रा में टीएमसी के झंडे और अन्य चुनाव प्रचार सामग्री मिली. जहांगीर खान के दफ्तर में शराब की खाली बोतलें भी मिली हैं. आक्रोशित लोगों ने दफ्तर के बाहर जड़ा ताला तोड़ दिया और अंदर के कमरों में भी तोड़फोड़ की. इस दफ्तर में लगा एसी भी आक्रोशित लोगों ने तोड़ दिया.
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गौरतलब है कि जहांगीर खान ने हालिया चुनाव में टीएमसी के टिकट पर फलता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था. बंगाल चुनाव के समय वोटिंग के दौरान ईवीएम पर टेप चिपका बीजेपी का चुनाव निशान ढंके जाने की शिकायत सही पाए जाने पर चुनाव आयोग ने इस सीट पर री-पोलिंग कराने का ऐलान किया था. फलता सीट के लिए री-पोलिंग 21 मई को हुई थी और वोटिंग से दो दिन पहले 19 मई को जहांगीर ने चुनाव मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया था.
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फलता का मैदान छोड़ने के बाद से ही जहांगीर खान अंडरग्राउंड चल रहा था. बताया जाता है कि जहांगीर नेपाल सीमा पर किराये के घर में परिवार के साथ रह रहा था. टेक्निकल सर्विलांस से ट्रेस कर पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया है. जहांगीर की गिरफ्तारी को लेकर अधिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
तपस सेनगुप्ता