पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बुधवार को दक्षिण कोलकाता में विशाल 'गेरुआ सम्मान यात्रा' निकाली गई. भगवा टी-शर्ट पहने और भगवा झंडा हाथ में लिए शुभेंदु अधिकारी ने करीब तीन किलोमीटर लंबी पदयात्रा का नेतृत्व किया. यात्रा गोलपार्क से शुरू हुई और जादवपुर यूनिवर्सिटी के बाहर 8बी बस स्टैंड तक प्रस्तावित थी. बड़ी संख्या में साधु-संत भी इस यात्रा में शामिल हुए और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए.
यात्रा के दौरान पूरे रास्ते लाउडस्पीकर लगाए गए, जिन पर गायत्री मंत्र का उच्चारण किया गया. यात्रा खत्म होने से पहले ही जादवपुर यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया और पुलिसकर्मियों को प्रवेश द्वार पर तैनात किया गया. इसके पीछे का कारण सुरक्षा और किसी संभावित विवाद की आशंका बताई गई.
उधर, सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आज उन्होंने चेतावनी दे दी है और अब जो भी भगवा रंग का अपमान करने की कोशिश करेगा, उसे ऐसा करने से पहले पांच बार सोचना होगा. भगवा रंग का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, 'मैं उन्हें सबक सिखाना चाहता हूं और इसलिए जल्द ही जादवपुर में दो बार आऊंगा. एक बार गीता पाठ करने और दूसरी बार हनुमान चालीसा का पाठ करने आऊंगा.'
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कश्मीर मांगे आजादी, फ्री फिलिस्तीन और रेड सैल्यूट टू किशनजी जैसे नारे लगाते हैं, उन्हें सबक सिखाना अच्छी तरह आता है.
बता दें कि जादवपुर यूनिवर्सिटी में वामपंथी छात्र संगठनों और आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच हाल के दिनों में पोस्टर, ग्रैफिटी और नारेबाजी को लेकर विवाद चल रहा है. कुछ दिन पहले दोनों पक्षों के बीच झड़प भी हुई थी. इसी पृष्ठभूमि में बीजेपी ने ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का आयोजन किया है.
बीजेपी के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य भगवा रंग से जुड़े मूल्यों, आदर्शों और उसकी गरिमा के बारे में जागरूकता फैलाना है. पार्टी का आरोप है कि भगवा रंग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और इसी के विरोध में यह मार्च निकाला गया.
यह यात्रा जादवपुर यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर करीब दो हफ्ते पहले आयोजित उस कार्यक्रम के बाद हो रही है, जिसमें सीएम शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हुए थे. उस कार्यक्रम में करीब 10 हजार लोगों ने वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन किया था.
अनुपम मिश्रा