अमेरिका से भारत लौटने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में बदलाव के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को वोट देने से रोका गया और इसका राजनीतिक फायदा एक पार्टी को पहुंचा. अभिषेक बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की मांग की है.
अभिषेक का ये बयान ऐसे वक्त आया है, जब चुनाव आयोग के अंदर वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर मतभेद की एक रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई फैसलों को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों अधिकारियों ने कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर सवाल उठाए.
'कोर्ट की निगरानी में हो जांच'
इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और चुनाव आयोग के कामकाज की कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित किया गया. अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि राज्य में करीब 35 लाख लोगों को वोट देने की अनुमति नहीं है.
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हालांकि, ये आंकड़ा उनके बयान में किए गए दावे के रूप में सामने आया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़े मामले का भी जिक्र किया और कहा कि इस मामले में बड़ी बेंच की जरूरत पर बात हुई है. साथ ही उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई की मांग भी दोहराई.
चुनाव आयोग ने दिया जवाब
वहीं, चुनाव आयोग ने रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है. आयोग का कहना है कि लिखित आपत्तियां और अलग-अलग राय उसकी आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और SIR से जुड़े फैसले अंततः सर्वसम्मति से लिए गए.
अभिषेक बनर्जी ने अपनी विदेश यात्रा को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वह भारत वापस आ गए हैं और अब कोलकाता में हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर योग्य मतदाता को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अधिकार मिलना चाहिए.
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ममता ने भी साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि SIR सत्ताधारी पार्टी के लिए एक तरह का विशेष फायदा पहुंचाने वाला कदम है. उन्होंने कहा कि बीजेपी और ज्ञानेश कुमार ने मिलकर बंगाल का चुनाव लूटा है.
ममता बनर्जी ने कहा कि अगर चुनाव आयोग और बीजेपी में नैतिक ताकत है तो बंगाल का चुनाव वापस लिया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को भरोसा था कि चुनाव आयोग उसे पूरी सुरक्षा देगा, लेकिन अब कई बातें सामने आ गई हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि इसी वजह से वह समाधान की मांग को लेकर भारत के मुख्य न्यायधीश के पास पहुंची है.
इन आरोपों के बीच SIR को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है. अब इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी.
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