सो गया तो मर जाएगा! भाई ने जगाए रखने के लिए मारे 150 से ज्यादा थप्पड़, VIDEO

क्या 150 थप्पड़ किसी सांप के काटे पीड़ित की जान बचा सकते हैं? यूपी के हरदोई में जवाब मिला- हां. अगर डॉक्टरों की सलाह, मरीज की घबराहट और मेडिकल टीम की तेजी एक साथ काम कर जाए. यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है.

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भाई आकाश की लगातार निगरानी ने बचा ली अरुण की जान.(Photo:ITG) भाई आकाश की लगातार निगरानी ने बचा ली अरुण की जान.(Photo:ITG)

प्रशांत पाठक

  • हरदोई,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:18 PM IST

UP News: हरदोई जिले के ज्योति नगर में जहरीले सांप के डंसने से गंभीर हालत में पहुंचे युवक की समय पर इलाज मिलने से जान बच गई. अस्पताल में बड़े भाई ने उसे लगातार 150 थप्पड़ मारकर जगाए रखा. 

दरअसल, सांप डंसने के बाद बेहोशी के दौरान भाई को जगाए रखने की सलाह डॉक्टरों ने दी थी. ऐसे में पानी के छींटे और लगातार गाल पर थप्पड़ मारकर पीड़ित को नींद नहीं आने दी. अस्पताल में दो घंटे के भीतर युवक को एंटी-वेनम की 15 डोज के बाद उसकी जान बच गई.

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कोतवाली शहर के ज्योति नगर निवासी शनिवार दोपहर अरुण (21) खेत में पानी लेकर गए थे. घास की बोरी उठाते समय उसमें छिपे सांप ने अरुण को डंस लिया. चीख सुनकर भाई आकाश मौके पर पहुंचे और भाई को सड़क की ओर ले आए. इसी दौरान एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी गई.

अरुण की हालत लगातार बिगड़ रही थी. इसी बीच प्रगति नगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक शिवम शर्मा वहां से गुजरे. उन्होंने स्थिति की गंभीरता देखते हुए दोनों भाइयों को अपनी बाइक से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया. अस्पताल की इमरजेंसी में ईएमओ डॉ. शेर सिंह और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया और डॉक्टर ने परिजनों को मरीज को सोने न देने की सलाह दी.

इसके बाद बड़े भाई आकाश ने पानी के छींटे और करीब 150 थप्पड़ मारकर अरुण को जगाए रखा और उसकी स्थिति पर नजर बनाए रखी. देखें VIDEO:- 

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डॉ. शेर सिंह के मुताबिक, सामान्य तौर पर सांप के काटने पर पांच एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए जाते हैं, लेकिन अरुण के शरीर में जहर का गंभीर असर दिखाई देने पर दो घंटे के भीतर कुल 15 एंटी-वेनम डोज दी गईं.

यह भी पढ़ें: बिस्तर में छिपी थी मौत... पुलिस हेड कांस्टेबल को सांप ने 2 बार डंसा, AI की मदद से बची जान

डॉक्टर ने बताया कि ऐसे मामलों में मरीज का बेहोश होना या सो जाना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले शिवम शर्मा और उपचार में जुटी मेडिकल टीम की तत्परता से अरुण की हालत में सुधार हुआ. परिजनों ने डॉक्टरों और मददगार शिवम का आभार जताया.

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