Uttar Pradesh News: शामली जिले के गोहरनी गांव निवासी किसान के बेटे आदित्य ने राजस्व अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा ली. यह घटना तहसील दिवस में फरियाद लेकर पहुंचे किसान को डीएम आलोक यादव द्वारा कथित तौर पर डांटने और जेल भेजने की चेतावनी देने के बाद घटी. इसके अलावा पीड़ित परिवार ने तहसील टीम पर जमीन की पैमाइश के नाम पर 10 लाख रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है. गंभीर रूप से झुलसे आदित्य का इलाज फिलहाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है.
16 बीघा जमीन को लेकर 2010 से जारी है विवाद
गोहरनी गांव में 16 बीघा जमीन को लेकर परिवार में साल 2010 से विवाद चल रहा है. 2013 में फैसला आने के बाद कब्जे की प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई थी. परिजनों का कहना है कि 30 जून 2026 को राजस्व टीम ने पैमाइश की थी, लेकिन अस्थायी चारदीवारी होने से कब्जा नहीं मिल सका. इसके बाद सोमवार को तहसीलदार, कानूनगो अमरीश शर्मा और पुलिस टीम जेसीबी लेकर पहुंची.
10 लाख की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप
आदित्य के मामा देशपाल सिंह का आरोप है कि राजस्व टीम ने परिवार से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. रकम न देने पर पैमाइश खिलाफ करने और बाउंड्री वॉल गिराने की धमकी दी गई थी. परिजनों का कहना है कि मामला एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है और अगली तारीख भी लगी है, फिर भी जबरन कार्रवाई की कोशिश की जा रही थी.
पुलिस के सामने आग लगाकर खेत में कूदा युवक
तहसील दिवस में डीएम की डांट और मौके पर कार्रवाई से परेशान होकर आदित्य ने अचानक मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली. देखते ही देखते वह लपटों से घिर गया और जान बचाने के लिए पानी से भरे खेत में कूद गया. परिजनों ने उसे बाहर निकालकर आग बुझाई. करीब 60 से 70 फीसदी झुलसे आदित्य को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
प्रशासन का पक्ष और जांच का आश्वासन
मामले पर एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बताया कि जमीन की नपाई के लिए राजस्व टीम भेजी गई थी, जिसे लेकर किसान ने आग लगा ली. प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है और मामले की आगे की जांच जारी है.
शरद मलिक