यूपी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना: कारीगरों को मुफ्त ट्रेनिंग, टूलकिट और लोन की सुविधा

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार बढ़ई, लोहार, कुम्हार और दर्जी जैसे पारंपरिक हस्तशिल्पियों को आधुनिक टूलकिट और ट्रेनिंग देकर उनकी आजीविका को नया आयाम दे रही है.

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यूपी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (Photo-ITG) यूपी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:17 AM IST

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (VSSY), उत्तर प्रदेश सरकार की एक राज्य-स्तरीय योजना है, जो पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत बनाने और उनका जीवन स्तर सुधारने के मकसद से चलाई जाती है. यह योजना बढ़ई, दर्जी, नाई, कुम्हार, लोहार, मोची, राजमिस्त्री, बांस-बेंत का सामान बनाने वाले, धोबी, सुनार और हलवाई जैसे पारंपरिक पेशों से जुड़े कारीगरों के लिए है.

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यह योजना केंद्र सरकार की "PM विश्वकर्मा योजना" से अलग है. PM विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में शुरू की थी और यह 18 ट्रेड्स को कवर करती है, जिसमें ₹15,000 का टूलकिट और ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड मिलता है. वहीं उत्तर प्रदेश की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना राज्य सरकार की अपनी अलग योजना है. 

दोनों योजनाओं के तहत अलग-अलग लाभ मिलते हैं, और पात्र कारीगर दोनों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं (यह जरूर जांच लें कि दोनों में एक साथ आवेदन की अनुमति है या नहीं, क्योंकि नियम समय-समय पर बदल सकते हैं)।

योजना के तहत क्या मिलता है?

  • मुफ्त प्रशिक्षण: सभी योग्य कारीगरों को जिला मुख्यालय पर 6 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है. ट्रेनिंग उद्योग विभाग (Department of Industries) द्वारा कराई जाती है.ट्रेनिंग के दौरान कारीगरों के रहने और खाने का खर्च भी सरकार वहन करती है.
  • टूलकिट सहायता: ट्रेनिंग पूरी होने पर कारीगर के हुनर और ट्रेड के हिसाब से एक आधुनिक टूलकिट (जिसकी कीमत करीब ₹10,000 आंकी जाती है) मुफ्त दी जाती है
  • कर्ज की सुविधा: कारोबार शुरू करने या बढ़ाने के लिए ₹10,000 से लेकर ₹10 लाख तक का रियायती लोन UPKVIB (उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड) के जरिए दिया जाता है.

पात्रता की शर्तें

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  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए.
  • आवेदक किसी पारंपरिक शिल्प या पेशे से जुड़ा होना चाहिए.
  • पिछले 2 सालों में किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की योजना से टूलकिट सहायता न ली हो.
  • इस योजना का लाभ एक परिवार से सिर्फ एक ही व्यक्ति को मिल सकता है.
  • पात्रता साबित करने के लिए एक हलफनामा जमा करना जरूरी है.

आवेदन कैसे करें

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और diupmsme.upsdc.gov.in पोर्टल के जरिए की जाती है आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और पेशे से जुड़ा प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं.

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