उत्तर प्रदेश में मॉनसून की बारिश का दौर लगातार जारी है. मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को भी उत्तर प्रदेश के 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा, यमुना, राप्ती, सरयू और गोमती जैसी प्रमुख नदियों समेत राज्य की कई छोटी नदियां भी उफान पर हैं. इन नदियों के प्रभाव वाले जिलों के निचले इलाकों में जलभराव के साथ बाढ़ का असर भी दिखाई दे रहा है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं.
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल 23 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. उत्तर प्रदेश शासन की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 13 जिलों के करीब 173 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. इससे लगभग 84,362 आबादी और 13,058 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है. बाढ़ प्रभावित जिलों में बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतम बुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और उन्नाव शामिल हैं. नदियों का जलस्तर बढ़ने से उनके कछार में सब्जियों की खेती पानी में डूब गई है. किसानों को अपनी लागत डूबने का डर सता रहा है.
लो प्रेशर एरिया से यूपी में तेज बारिश
आईएमडी के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र राज्य में हो रही बारिश का प्रमुख कारण है. यह सिस्टम 19 अगस्त को सुबह 11:30 बजे डिप्रेशन से कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदला और अगले 24 घंटों में दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैल गया. इसके प्रभाव से बुंदेलखंड के झांसी, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है. इन जिलों में गुरुवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बांदा, चित्रकूट, काैशांबी, फतेहपुर, जालाैन आदि में भारी बारिश का येलो अलर्ट है.
प्रयागराज में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है. शहर के कई हिस्सों में बुधवार सुबह भी बूंदाबांदी होती रही. लखनऊ में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि आगरा, वाराणसी और कानपुर समेत 40 से ज्यादा शहरों में आसमान बादलों से ढका रहा. लगातार बारिश और बाढ़ के हालात को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है. प्रयागराज, गोंडा, कौशांबी, गाजीपुर और भदोही में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद हैं. वहीं जौनपुर, सोनभद्र और मिर्जापुर में कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है.
प्रयागराज में बारिश ने बढ़ाई परेशानी
प्रयागराज में भारी बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. शहर के कई रिहायशी इलाकों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है. कई मकानों में सोफा, बेड और अन्य घरेलू सामान पानी में डूब गए. रामबाग रेलवे स्टेशन की तीन रेलवे पटरियां भी पानी में डूब गईं. स्टेशन पर रेलवे के दफ्तरों में पानी घुस गया. प्रयागराज में जलभराव की स्थिति को देखते हुए हाई कोर्ट ने जिलाधिकारी मनीष वर्मा और नगर आयुक्त सीलम साई तेजा को तलब किया.
वाराणसी में गंगा घाट और मंदिर डूबे
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे बने 100 से ज्यादा मंदिरों में पानी घुस गया है. मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के श्मशान क्षेत्रों तक भी गंगा का पानी पहुंच गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार घाट के ऊपरी हिस्से में कराए जा रहे हैं. नमो घाट भी पानी में डूब गया है. वहीं दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां पानी में डूबने के कारण गंगा आरती छत से कराई जा रही है. गंगा का बढ़ता जलस्तर शहर के घाटों और उनके आसपास के इलाकों में लगातार परेशानी बढ़ा रहा है.
कानपुर-उन्नाव के कई इलाके जलमग्न
प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी रिहायशी इलाकों की ओर पहुंचने लगा है. दारागंज में बक्शी बांध के पास खड़ी एक कार गंगा के पानी में डूब गई. कानपुर और उन्नाव में भी गंगा किनारे के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है. कई जगहों पर लोगों को जलभराव और बढ़ते नदी के जलस्तर के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल,बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए राहत आयुक्त कार्यालय जिलों के कंट्रोल रूम से लगातार संपर्क में है. इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 1070 पर मिलने वाली शिकायतों कार्रवाई की जा रही है.
तैयार किए गए 1,263 रिलीफ शेल्टर
यूपी के रिलीफ कमिश्नर ऋषिकेश ऋषिकेश भास्कर यशोदा के मुताबिक राज्य में लगभग 1,589 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, 1,263 बाढ़ रिलीफ शेल्टर तैयार किए गए हैं, जिनमें से 41 शेल्टर एक्टिव हैं और इनमें 1,045 लोग रह रहे हैं. कुल 4,845 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है. साथ ही अब तक 15,238 फूड पैकेट और 30,316 लंच पैकेट भी प्रभावित लोगों को वितरित किए जा चुके हैं. राहत अभियानों के लिए 428 नावें और मोटर बोट्स और 1,101 स्थानीय गोताखोरों को तैनात किया गया है.
आजतक ब्यूरो