यूपी में नकली दवाओं पर बड़ा एक्शन, 5.43 करोड़ की मेडिसिन जब्त, लखनऊ में सप्लाई चेन का भंडाफोड़

उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने नकली और काउंटरफीट दवाओं के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाकर लखनऊ, आगरा, वाराणसी और गोंडा में करीब 5.43 करोड़ रुपये की अवैध दवाइयां जब्त की हैं.

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उत्तर प्रदेश में साढ़े पांच करोड़ की नकली दवाओं पर एक्शन लिया गया है उत्तर प्रदेश में साढ़े पांच करोड़ की नकली दवाओं पर एक्शन लिया गया है

समर्थ श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:12 PM IST

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA), उत्तर प्रदेश की ओर से नकली और काउंटरफीट औषधियों की स्टोरेज, खरीदारी, ट्रांसपोर्ट और प्रोडक्शन के खिलाफ चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान में लखनऊ, आगरा, वाराणसी और गोंडा में अब तक करीब 5.43 करोड़ रुपये की अवैध दवाइयां जब्त की गई हैं.

कार्रवाई के दौरान लखनऊ में 41.58 लाख रुपये, वाराणसी में 25 लाख रुपये, गोंडा में 1.13 करोड़ रुपये और आगरा में 3.63 करोड़ रुपये की अवैध औषधियां बरामद की गईं. इसी अभियान के तहत राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद में नकली और काउंटरफीट दवाओं की सप्लाई चेन चलाने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है.

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जांच में सामने आया कि मेसर्स हेल्थ प्लस, मेसर्स एम.के. फार्मा, राम फार्मा और पैशेंट केयर सर्जिकल हाउस (सहारनपुर) मिलकर फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाएं बाजार में खपा रही थीं. हेल्थ प्लस को लाइसेंस मई 2025 में मिला, लेकिन फर्म अप्रैल 2025 से ही अवैध क्रय-विक्रय दिखा रही थी.

निर्माता कंपनी STADMED ने फर्म की ओर से बेचे गए Alkasol सिरप को नकली करार दिया. वहीं, एमके फार्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 8.87 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद दिखाई और सबूत मिटाने के लिए पुराने डेटा तक को डिलीट कर दिया.

निर्माता कंपनी Wardex ने फर्म के Dexorange Syrup को नकली बताया, जबकि लगभग 39.20 लाख रुपये की Zoryl M1 टैबलेट के सोर्स का सत्यापन तक नहीं हो सका. चारों फर्मों के विरुद्ध थाना अमीनाबाद में 12 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111, 276, 277, 278, 318, 319, 336 व 338 के तहत FIR दर्ज की गई है.

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इंटर स्टेट नेटवर्क का भंडाफोड़, नकली दवाओं की फैक्ट्री का पर्दाफाश

लखनऊ में मिली नकली दवाओं के सोर्स की गहन जांच के दौरान एक बड़ा राज खुला. सुराग की कड़ियां जोड़ते हुए FSDA उत्तर प्रदेश, क्राइम ब्रांच गाजियाबाद और औषधि विभाग उत्तराखंड की संयुक्त टीम एक अवैध फैक्ट्री तक जा पहुंची, जहां Dr. Reddy's, Cipla, Elder, Macro और Intas जैसी नामी कंपनियों के जीवनरक्षक उत्पाद Clavactum 625 और Razo-D कैप्स्यूल की खुलेआम नकल तैयार हो रही थी. इसके लिए कोई वैलिड लाइसेंस भी नहीं था.

छापे में टैबलेट-कैप्स्यूल बनाने की मशीनें, ब्लिस्टर पैकिंग यूनिट, ओवरप्रिंटिंग मशीन और नामी ब्रांडों की हूबहू नकली फॉइल पैकिंग मिली. यानी यहां सिर्फ नकली दवाओं का भंडारण नहीं हो रहा था, बल्कि उनकी पूरी तरह से अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही थी. मौके से 2 करोड़ रुपये की दवाएं, मशीनें व पैकिंग सामग्री जब्त की गईं और दो आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई.

जुलाई से लखनऊ में लगातार छापेमारी, लाखों की दवाएं जब्त

इससे पहले जुलाई में भी लखनऊ में कई बड़ी कार्रवाई हुईं. आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास से 1.6 लाख रुपये, बक्शी का तालाब क्षेत्र से 5 लाख रुपये और अमीनाबाद स्थित एक अवैध गोदाम से 21 लाख रुपये की नकली दवाएं (Telma, Pantop 40 आदि) जब्त की गईं. अमीनाबाद की आठ फर्मों और एक सॉफ्टवेयर विक्रेता पर फर्जी बिलिंग व सॉफ्टवेयर हेरफेर के आरोप में FIR दर्ज हुई, तो कैसरबाग में बिना फिजिकल सप्लाई के क्रॉस-बिलिंग सिंडिकेट का खुलासा हुआ. इसमें भी BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया. लखनऊ और रायबरेली की कई फर्मों पर भी इसी तरह के आरोप लगे.

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विभाग के अनुसार, लखनऊ में अब तक करीब 41.58 लाख रुपये की अवैध दवाएं जब्त कर 32 लोगों के विरुद्ध 7 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें 2 गिरफ्तारियां हुई हैं.

वाराणसी में बिना लाइसेंस स्टोरेज, दुकान संचालक गिरफ्तार

वाराणसी के मंडुवाडीह क्षेत्र में एक सर्जिकल दुकान से करीब 25 लाख रुपये की अवैध एलोपैथिक दवाएं जब्त की गईं. दुकान संचालक को मौके पर गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 277, 278 एवं 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया.

गोंडा और मेरठ में नशे में प्रयुक्त दवाओं व नकली कैप्सूल रैकेट का खुलासा

गोंडा के बड़गांव में एक फार्मास्युटिकल फर्म के ठिकानों से नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाओं, इंजेक्शनों और सिरप का करीब 1.13 करोड़ रुपये का जखीरा जब्त हुआ. मामले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम तथा NDPS अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि सह-आरोपी फरार है.

वहीं, मेरठ, बागपत और उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में संयुक्त छापेमारी में नकली 'Evion 400mg' कैप्सूल बनाने वाला अंतरराज्यीय रैकेट पकड़ा गया, जहां FSSAI लाइसेंस की आड़ में 6 लाख नकली कैप्सूल बरामद हुए.

आगरा में सबसे बड़ी बरामदगी, री-लेबलिंग व फर्जी बिलिंग का जाल

आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर नकली दवाओं की बिक्री, फर्जी लेबलिंग व फर्जी बिलिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया. विभोर मेडिकल, वरदान मेडिकल, हर्षित ट्रेडर्स, गुप्ता मेडिकल व पाल ब्रदर्स के यहां Torrent Pharma की नकली Chymoral Forte, Aciloc व सरकारी कोटे की Zostum-O की कालाबाजारी मिली.

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युग फार्मा, शारदा फार्मा व RMD फार्मा में इंसुलिन पर फर्जी लेबल व मनमानी MRP पर बिक्री के सबूत मिले, जबकि वी.ए. मेडिकोज, रुद्रा व भगवती मेडिकल सिंडिकेट में Telma-H से जुड़ी अनियमितताओं के साथ करीब 1.88 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग सामने आई.

ज्योति ड्रग हाउस से इंसुलिन, रेबीज वैक्सीन व फिजिशियन सैंपल दवाएं (2.5 करोड़ रुपये) बरामद हुईं. श्री मेडिकल एजेंसीज से 50 लाख रुपये की नकली OXALGIN-DP टैबलेट्स जब्त हुईं. ब्राइट फार्मा-फाउंटेन में री-लेबलिंग से जुड़ी 5.20 लाख रुपये की दवाएं और सी.एफ. इंटरप्राइजेज व अन्य गोदामों से 67 लाख रुपये की दवाएं जब्त हुईं.

आगरा में कार्रवाई के दौरान कुल 3.63 करोड़ रुपये की अवैध औषधियां जब्त की गईं. साथ ही 9 FIR दर्ज की गईं और 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया.

डॉ. रोशन जैकब, आयुक्त, UPFSDA ने कहा, "दवा सुरक्षा (Drug Safety) UPFSDA में सर्वोच्च चिंता का विषय है. इसका सीधा और गहरा संबंध जनस्वास्थ्य से है. बीमार व्यक्ति के पास दवाओं पर भरोसा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता. ऐसी स्थिति में व्यवस्था उसे किसी भी स्तर पर निराश नहीं कर सकती और न ही करना चाहिए. इसलिए इस खतरे को हमारे प्रदेश से पूरी तरह समाप्त करने तक दवा माफिया के खिलाफ हमारा अभियान जारी रहेगा और पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा."

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