सहारनपुर में सोलर पंप किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आए हैं. कभी पानी और बिजली की परेशानी से जूझ रहे किसानों को अब दिन में ही खेतों की सिंचाई की सुविधा मिल रही है. पीएम कुसुम योजना के तहत लगे सोलर पंप से किसानों को खेती में काफी मदद मिल रही है. कई किसानों का कहना है कि समय पर पानी मिलने से फसल सूखने का खतरा कम हुआ है. इससे खेती पर उनका भरोसा भी बढ़ा है.
किसान ऋषि पाल सिंह बताते हैं कि पहले खेतों में इंजन और बोरिंग से पानी दिया जाता था. डीजल महंगा होने लगा तो बिजली का कनेक्शन लिया. लेकिन बिजली की अपनी समस्या थी. कभी आती थी और कभी चली जाती थी. कई बार रातभर खेत पर बिजली आने का इंतजार करना पड़ता था. जैसे ही बिजली आती, किसान घर से खेत की ओर भागते थे. खेत पहुंचने तक बिजली फिर चली जाती थी.
ऋषि पाल सिंह ने बताया कि पिछले साल उन्हें पीएम कुसुम योजना के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने आवेदन किया. सरकारी सब्सिडी के बाद उनके खेत में 7.5 किलोवाट का सोलर पंप लगाया गया. अब सुबह करीब 8 बजे से शाम 5 से 5.30 बजे तक सूरज की रोशनी में पंप चलता है. इससे उन्हें रात में सिंचाई के लिए खेत पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
किसान बोले-समय पर पानी मिलने से बढ़ी खेती
ऋषि पाल सिंह के पास करीब 15 से 16 बीघा जमीन है. वह गन्ना, गेहूं, धान और सब्जियों की खेती करते हैं. इसके अलावा पॉपलर की नर्सरी भी लगाते हैं. उनका कहना है कि सोलर पंप से समय पर पानी मिलने लगा है. अब ऐसी फसलें भी ली जा सकती हैं, जिनमें ज्यादा पानी की जरूरत होती है.
उनके मुताबिक फसल को सही समय पर पानी मिलने से उत्पादन और आमदनी बढ़ने की उम्मीद है. उनका कहना है कि पहले पानी की कमी के कारण खेती में कई तरह की दिक्कतें आती थीं. अब वह दिन में सिंचाई कर लेते हैं और रात में आराम से सोते हैं.
किसान अमित कुमार के खेत में करीब तीन साल पहले 5 हॉर्सपावर का सोलर पंप लगा था. वह बताते हैं कि गर्मियों में पानी की समस्या इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने गन्ने की खेती तक छोड़ दी थी. ट्रैक्टर से पानी देने में खर्च ज्यादा आता था. वहीं रजबहा में भी कई बार गर्मियों में पानी नहीं आता था.
अब सोलर पंप लगने के बाद करीब 40 बीघा जमीन की सिंचाई एक हफ्ते में हो जाती है. रोज करीब 5 बीघा खेत में आसानी से पानी लगाया जा सकता है. अब उन्हें रात में बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ता. सुबह खेत पर आते हैं और दिन में ही सिंचाई पूरी कर लेते हैं.
'बिजली की लाइन नहीं थी, फिर भी खेतों में पहुंचा पानी'
सावनपुर नवादा गांव के किसान गौरव धैया के परिवार ने करीब 2021 में सोलर पैनल लगवाया था. उनके पिता अरविंद कुमार धैया के नाम जमीन और सोलर पैनल है. गौरव बताते हैं कि उनके इलाके में दूर-दूर तक बिजली की लाइन नहीं थी. ऐसे में बिजली कनेक्शन की जरूरत भी नहीं पड़ी.
पहले रजबहा में कई-कई महीने पानी नहीं आता था. इससे फसलों को नुकसान होता था. अब सोलर पंप से करीब 8 से 10 घंटे तक पानी मिल जाता है. अब उनके खेत में धान की खेती भी हो रही है. पहले पानी की कमी के कारण यहां धान उगाना मुश्किल था.
वहीं किसान महेश धैया भी सोलर पंप को खेती के लिए काफी उपयोगी मानते हैं. उनका कहना है कि इससे बिजली पर निर्भरता कम होती है. किसान अपनी जरूरत के हिसाब से दिन में खेत की सिंचाई कर सकता है. पाइपलाइन होने से पानी को खेत तक पहुंचाना भी आसान हो जाता है.
महेश का कहना है कि गर्मियों में आंधी और तूफान के कारण बिजली की लाइन खराब हो जाती थी. पेड़ गिरने या ट्रांसफॉर्मर खराब होने से कई दिन तक बिजली बंद रहती थी. सोलर पंप में ऐसी परेशानियां कम होती हैं. उनका कहना है कि सरकार को इस योजना को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाना चाहिए.
किसानों के लिए पानी, खेती और बेहतर कमाई का जरिया बना सोलर पैनल
सहारनपुर के इन किसानों की कहानी बताती है कि सोलर पंप सिर्फ बिजली का विकल्प नहीं है. यह सिंचाई के लिए भी बड़ी राहत दे रहा है. अब किसान रजबहा और बिजली का इंतजार किए बिना दिन में पानी दे पा रहे हैं. समय पर सिंचाई होने से फसल खराब होने का खतरा कम हुआ है.
किसानों का कहना है कि सोलर पंप की सुविधा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचनी चाहिए. इससे खेती का खर्च और बिजली पर निर्भरता कम हो सकती है. साथ ही किसान अपनी जमीन पर ज्यादा फसल लेने के बारे में भी सोच सकता है. खेतों में लगे सोलर पैनल अब किसानों के लिए पानी, खेती और बेहतर कमाई की उम्मीद बन रहे हैं.
राहुल कुमार