नवरात्र, दशहरा और दीपावली से पहले यूपी में बिजली कटौती से लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए 15 सितंबर से खास अभियान चलाया जाएगा. 14 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में बारिश और आंधी से खराब हुए तार, ट्रांसफॉर्मर समेत बिजली के दूसरे उपकरणों की जांच कर उन्हें ठीक किया जाएगा.
दरअसल, बीते कुछ महीनों में गर्मी के साथ बारिश और आंधी के मौसम में बिजली के ढांचे पर काफी दबाव पड़ा है. कई जगह तार ढीले हुए हैं, उपकरणों में खराबी आई है. कुछ इलाकों में बार-बार बिजली जाने की शिकायत भी सामने आई है. अब त्योहारों से पहले इन कमियों को दूर करने की तैयारी है, ताकि लोगों को लगातार बिजली मिल सके.
इस काम के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने सभी बिजली वितरण कंपनियों को जरूरी निर्देश दिए हैं. 10 सितंबर तक हर इलाके की पूरी योजना तैयार करने को कहा गया है. जरूरी सामान पहले से जुटाया जाएगा, जिससे मरम्मत के दौरान काम न रुके.
जर्जर तार से लेकर खराब उपकरण तक होंगे ठीक
अभियान के दौरान 33/11 केवी बिजली केंद्रों, बड़े ट्रांसफॉर्मर और मोहल्लों में लगे ट्रांसफॉर्मर की जांच होगी. उनकी सफाई के साथ जरूरी मरम्मत भी की जाएगी. जिन जगहों पर बार-बार खराबी आती है, वहां सिर्फ तार जोड़कर काम नहीं चलाया जाएगा. खराबी की असली वजह पता करके उसे ठीक करने की कोशिश होगी. इसके अलावा, जर्जर तार, ढीले जोड़ और खराब उपकरण बदले जाएंगे. ट्रांसफॉर्मर पर उसकी क्षमता के हिसाब से सही सुरक्षा तार लगाए जाएंगे. जहां अस्थायी तरीके से तार लगाए गए हैं, उन्हें भी हटाया जाएगा.
पेड़ों की डालियां भी बनती हैं बिजली कटने की वजह
आंधी के दौरान बिजली की लाइनों से पेड़ों की डालियां टकराने पर अक्सर सप्लाई बंद हो जाती है. इसे देखते हुए बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की डालियों की बड़े स्तर पर छंटाई कराई जाएगी. बिजली के खंभों से जुड़े मापक यंत्रों की भी जांच होगी, ताकि सप्लाई में किसी तरह की गड़बड़ी का पता समय रहते लगाया जा सके.
त्योहारों के दौरान बिजली बंद करने से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं. जहां काम के लिए बिजली बंद करना जरूरी होगा, वहां इसकी योजना इस तरह बनाई जाएगी कि लोगों को कम से कम परेशानी हो.
अधिकारियों की अचानक जांच से होगी निगरानी
अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए अधिकारी खुद बिजली केंद्रों का अचानक निरीक्षण करेंगे. किस केंद्र की जांच होगी, इसकी जानकारी पहले से नहीं दी जाएगी. इससे मौके पर बिजली व्यवस्था की असली स्थिति का पता चल सकेगा. मरम्मत के बाद किए गए काम की भी जांच होगी. 21 से 27 अक्टूबर के बीच बिजली वितरण कंपनियों के स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी. मुख्यालय से भी काम की जांच कराई जाएगी.
15 सितंबर से शुरू होने वाले इस अभियान का मकसद साफ है कि त्योहारों के दौरान बिजली की वजह से लोगों को परेशानी कम हो. बारिश के बाद जहां जो खराबी आई है, उसे समय रहते ठीक किया जाए, ताकि नवरात्र से दीपावली तक बिजली सप्लाई बेहतर बनी रहे.
समर्थ श्रीवास्तव