त्योहारों पर अब नहीं सताएगी बिजली कटौती! यूपी सरकार चलाएगी अभियान

नवरात्र, दशहरा और दीपावली से पहले यूपी में बिजली व्यवस्था ठीक करने के लिए 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक खास अभियान चलेगा. इस दौरान खराब तार, उपकरण और ट्रांसफॉर्मर ठीक किए जाएंगे, पेड़ों की डालियां भी काटी जाएंगी.

Advertisement
त्योहारों से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी. (File Photo) त्योहारों से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी. (File Photo)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:28 PM IST

नवरात्र, दशहरा और दीपावली से पहले यूपी में बिजली कटौती से लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए 15 सितंबर से खास अभियान चलाया जाएगा. 14 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में बारिश और आंधी से खराब हुए तार, ट्रांसफॉर्मर समेत बिजली के दूसरे उपकरणों की जांच कर उन्हें ठीक किया जाएगा.

दरअसल, बीते कुछ महीनों में गर्मी के साथ बारिश और आंधी के मौसम में बिजली के ढांचे पर काफी दबाव पड़ा है. कई जगह तार ढीले हुए हैं, उपकरणों में खराबी आई है. कुछ इलाकों में बार-बार बिजली जाने की शिकायत भी सामने आई है. अब त्योहारों से पहले इन कमियों को दूर करने की तैयारी है, ताकि लोगों को लगातार बिजली मिल सके.

Advertisement

इस काम के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने सभी बिजली वितरण कंपनियों को जरूरी निर्देश दिए हैं. 10 सितंबर तक हर इलाके की पूरी योजना तैयार करने को कहा गया है. जरूरी सामान पहले से जुटाया जाएगा, जिससे मरम्मत के दौरान काम न रुके.

जर्जर तार से लेकर खराब उपकरण तक होंगे ठीक

अभियान के दौरान 33/11 केवी बिजली केंद्रों, बड़े ट्रांसफॉर्मर और मोहल्लों में लगे ट्रांसफॉर्मर की जांच होगी. उनकी सफाई के साथ जरूरी मरम्मत भी की जाएगी. जिन जगहों पर बार-बार खराबी आती है, वहां सिर्फ तार जोड़कर काम नहीं चलाया जाएगा. खराबी की असली वजह पता करके उसे ठीक करने की कोशिश होगी. इसके अलावा, जर्जर तार, ढीले जोड़ और खराब उपकरण बदले जाएंगे. ट्रांसफॉर्मर पर उसकी क्षमता के हिसाब से सही सुरक्षा तार लगाए जाएंगे. जहां अस्थायी तरीके से तार लगाए गए हैं, उन्हें भी हटाया जाएगा.

Advertisement

पेड़ों की डालियां भी बनती हैं बिजली कटने की वजह

आंधी के दौरान बिजली की लाइनों से पेड़ों की डालियां टकराने पर अक्सर सप्लाई बंद हो जाती है. इसे देखते हुए बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की डालियों की बड़े स्तर पर छंटाई कराई जाएगी. बिजली के खंभों से जुड़े मापक यंत्रों की भी जांच होगी, ताकि सप्लाई में किसी तरह की गड़बड़ी का पता समय रहते लगाया जा सके.

त्योहारों के दौरान बिजली बंद करने से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं. जहां काम के लिए बिजली बंद करना जरूरी होगा, वहां इसकी योजना इस तरह बनाई जाएगी कि लोगों को कम से कम परेशानी हो.

अधिकारियों की अचानक जांच से होगी निगरानी

अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए अधिकारी खुद बिजली केंद्रों का अचानक निरीक्षण करेंगे. किस केंद्र की जांच होगी, इसकी जानकारी पहले से नहीं दी जाएगी. इससे मौके पर बिजली व्यवस्था की असली स्थिति का पता चल सकेगा. मरम्मत के बाद किए गए काम की भी जांच होगी. 21 से 27 अक्टूबर के बीच बिजली वितरण कंपनियों के स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी. मुख्यालय से भी काम की जांच कराई जाएगी.

15 सितंबर से शुरू होने वाले इस अभियान का मकसद साफ है कि त्योहारों के दौरान बिजली की वजह से लोगों को परेशानी कम हो. बारिश के बाद जहां जो खराबी आई है, उसे समय रहते ठीक किया जाए, ताकि नवरात्र से दीपावली तक बिजली सप्लाई बेहतर बनी रहे.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »