सुप्रीम कोर्ट ने संभल हिंसा मामले में आरोपी बनाए गए मुल्ला अफरोज पर लगाई गई NSA खारिज करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख का जुर्माना लगाया है. मुल्ला अफरोज के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की है और साथ ही यह भी कहा कि उन्हें इतने अच्छे फैसले की उम्मीद भी नहीं थी.
मुल्ला अफरोज के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना की. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्पक्ष बताया. वहीं मुल्ला अफरोज के भाई ने इस मामले में बात करते हुए कहा कि बीते 19-20 महीनों में परिवार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हुए कहा कि एक बेगुनाह को आखिरकार इंसाफ मिल गया.
मुल्ला अफरोज के भाई मेहरोज ने बताया कि उनके भाई ने जेल में 19 महीने बिताए हैं. उन्होंने बताया कि जब इस मामले में उन्होंने अपने भाई से बात की थी तो उन्होंने साफ कहा था कि वे निर्दोष हैं. उन्होंने जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शीलू नागू के फैसले की सराहना की और इसे निष्पक्ष बताया.
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मेहरोज ने उस दिन को लेकर भी बात की जिस दिन उनके भाई को गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने बताया कि जिस दिन मुल्ला अफरोज को गिरफ्तार किया था, उस समय वे वहां नहीं थे. उन्हें फोन करके बुलाया गया. जब वे मौके पर पहुंचे तो लोगों ने उन्हें बताया कि उनके भाई को चार लोग लेकर गए हैं. उन्होंने बताया कि जब अफरोज 24 घंटे में नहीं लौटे तो उन्होंने मानव अधिकार आयोग और मुख्यमंत्री को शिकायत की. उन्होंने 112 नंबर पर भी सूचना दी.
मुल्ला अफरोज के भाई ने कहा कि उन्हें शुरू से न्यायपालिका पर भरोसा था. उन्होंने कहा कि वे जानते थे कि उनके भाई निर्दोष हैं, इसलिए उन्हें न्याय जरूर मिलेगा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया है. उनके भाई शहरोज ने भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद किया है.
उन्होंने बताया कि पिछले 19-20 महीनों में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा और कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े. उनका कहना है कि जानबूझकर पूरी प्लानिंग और साजिश के तहत उनके भाई को फंसाया गया. उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सराहनीय बताया है.
अभिनव माथुर