उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्पताल की लैब के पास करीब छह फीट लंबा सांप दिखाई दिया. अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और उनके तीमारदारों ने सांप को देखा तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे. अस्पताल परिसर में अचानक पैदा हुए इस हालात से लोग घबरा गए. यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे की बताई जा रही है. जिस समय सांप निकला, उस समय अस्पताल में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे थे. ऐसे में लैब के पास सांप दिखाई देने से लोगों के बीच डर फैल गया. अस्पताल में मौजूद लोगों के लिए कुछ देर तक यह समझना मुश्किल हो गया कि वे खुद को सुरक्षित रखने के लिए कहां जाएं.
हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सपेरे को बुलाया गया. इसके बाद सपेरे के साथ आए एक बालक ने सूझबूझ दिखाते हुए सांप को काबू में करने में मदद की. काफी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया. बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया गया. सांप के पकड़े जाने और अस्पताल परिसर से बाहर ले जाए जाने के बाद मरीजों और तीमारदारों ने राहत की सांस ली.हालांकि, इस घटना ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस जगह लोग इलाज कराने आते हैं, वहां इस तरह सांप निकलने से मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
चोक नालियों और गंदगी से अस्पताल परिसर में खतरा
जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. पीके सिंह ने अस्पताल परिसर में सांप निकलने की वजह के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अस्पताल की मुख्य नाली पूरी तरह चोक है. जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण परिसर में गंदगी जमा रहती है. अधीक्षक के मुताबिक, गंदगी के कारण वहां मेंढक और दूसरे जीव पनप रहे हैं. इन्हीं जीवों की तलाश में जहरीले सांप अस्पताल परिसर तक पहुंच रहे हैं. ऐसे में नालियों की सफाई और जल निकासी की समस्या केवल गंदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे अस्पताल आने वाले लोगों के सामने भी खतरा पैदा हो रहा है. अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में लोग इलाज कराने पहुंचते हैं. इनमें गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल होते हैं. ऐसे में अस्पताल परिसर में सांप का निकलना लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है.
अगर समय रहते सफाई और जल निकासी की समस्या दूर नहीं की गई, तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रह सकता है. सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि नालियों की सफाई और कचरा उठवाने के लिए ग्राम प्रधान से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है. इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है. अस्पताल परिसर की मुख्य नाली चोक होने और गंदगी जमा रहने के कारण वहां के हालात लगातार खराब बने हुए हैं. अधीक्षक की बातों से साफ है कि अस्पताल परिसर में जल निकासी और सफाई की समस्या पहले से मौजूद है. इसके समाधान के लिए शिकायतें किए जाने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ. शुक्रवार को सांप निकलने की घटना ने इसी समस्या को सामने ला दिया है.
अस्पताल में आने वाले मरीज पहले ही अपनी बीमारी और इलाज को लेकर परेशान रहते हैं. ऐसे में परिसर में सांप जैसे खतरनाक जीव का दिखाई देना उनके लिए एक अतिरिक्त चिंता बन गया. लैब के पास हुई इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि अस्पताल परिसर को साफ और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी निभाने में कहां कमी रह रही है.
गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी आते हैं इलाज कराने
जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना सैकड़ों लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं. इनमें गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं. अस्पताल में आने वाले इन लोगों के लिए साफ-सुथरा और सुरक्षित परिसर होना जरूरी है. शुक्रवार को लैब के पास सांप निकलने की घटना के दौरान लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. गनीमत रही कि सपेरे और उसके साथ आए बालक की मदद से सांप को पकड़ लिया गया और जंगल में छोड़ दिया गया. अगर सांप को समय पर काबू नहीं किया जाता, तो अस्पताल में मौजूद लोगों की परेशानी और बढ़ सकती थी. यह घटना अस्पताल परिसर में सफाई, नालियों की देखरेख और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की जरूरत को सामने लाती है. अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को इलाज के दौरान सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए. इसके लिए परिसर में जमा गंदगी और चोक नालियों की समस्या दूर करना जरूरी है.
अब सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने का इंतजार
छह फीट लंबे सांप के निकलने के बाद जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. अधीक्षक ने मुख्य नाली चोक होने, गंदगी जमा रहने और सफाई के लिए ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत किए जाने की बात कही है. फिलहाल सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया है, लेकिन अस्पताल परिसर में गंदगी और जल निकासी की समस्या का समाधान होना बाकी है. यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर साफ-सफाई और सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अब देखना होगा कि अस्पताल परिसर की चोक नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कब कदम उठाए जाते हैं. मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिहाज से इस समस्या का समाधान जरूरी है.
नाहिद अंसारी