लखनऊ के जीडी पंत पॉलिटेक्निक कॉलेज में डिप्लोमा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वितीय वर्ष के छात्र और एसएसबी कमांडो कुंतल कुमार के बेटे कुमार गौरव 10 अक्टूबर की सुबह प्रयागराज संगम स्टेशन पहुंचे थे. स्टेशन उतरने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन कर रैपीडो बाइक से बहराना जाने की बात कही थी, जिसके बाद उनका फोन स्विच ऑफ हो गया और वह घर नहीं पहुंचे. परिजनों द्वारा दारागंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के तीन दिन बाद हंडिया पुलिस की सूचना पर परिवार वालों ने लाक्षागृह के पानी में उतराता हुआ उनका शव बरामद किया.
मां को किया था आखिरी फोन
प्रयागराज संगम स्टेशन पर उतरने के बाद कुमार गौरव ने अपनी मां को फोन करके बताया था कि उन्होंने घर जाने के लिए रैपीडो बाइक बुक कर ली है. इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और वे घर नहीं पहुंचे. परिजनों ने उनकी काफी तलाश की और पोस्टर भी बनवाकर भेजे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका.
तीन दिन बाद मिला शव
परिजनों की चिंता तब और बढ़ गई जब घटना के ठीक तीन दिन बाद हंडिया थाने से फोन आया कि लाक्षागृह के पास पानी में एक शव उतराता हुआ मिला है. जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और भाई ने शव की शिनाख्त की, तो कोहराम मच गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
घटना को लेकर परिजनों ने गहरी चिंता जताते हुए कुमार गौरव की हत्या की आशंका व्यक्त की है और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है. परिवार का सवाल है कि जब वह मेजा जाने के लिए निकले थे, तो उनका शव हंडिया के लाक्षागृह तक कैसे पहुंच गया. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा.
आनंद राज