शिवा शर्मा की हत्या हुई या आत्महत्या? बिल्डिंग की चौथी मंजिल से पुतला गिराकर सच तलाशेगी पुलिस

यूपी के लखनऊ में कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत हत्या थी या आत्महत्या, इसका पता लगाने के लिए पुलिस क्राइम सीन रीक्रिएशन कराने की तैयारी कर रही है. फॉरेंसिक टीम शिवा के कद-काठी और वजन के हिसाब से एक पुतले को चौथी मंजिल से गिराकर उसकी दिशा, दूरी और एंगल का एनालिसिस करेगी.

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शिवा डेथ केस में होगा क्राइम सीन रीक्रिएशन. (Photo: ITG) शिवा डेथ केस में होगा क्राइम सीन रीक्रिएशन. (Photo: ITG)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में एक सवाल लगातार बना हुआ है. शिवा की मौत हत्या थी या आत्महत्या? परिवार का आरोप है कि शिवा की हत्या की गई. वहीं, मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने गिरफ्तारी से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसे आत्महत्या बताया था. अब पुलिस इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए क्राइम सीन रीक्रिएशन कराने की तैयारी कर रही है. यानी घटना वाली जगह पर हालात को दोबारा तैयार करके समझने की कोशिश होगी कि आखिर शिवा चौथी मंजिल से नीचे कैसे गिरे.

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इसके लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जाएगी. शिवा के कद-काठी और वजन के हिसाब से एक पुतले का इस्तेमाल किया जाएगा. उसे चौथी मंजिल से नीचे गिराकर देखा जाएगा कि वह किस दिशा में और कितनी दूर जाकर गिरता है. फिर इन नतीजों का मिलान घटनास्थल से मिले सबूतों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से किया जाएगा.

दरअसल, 9 अक्टूबर को लखनऊ में कैफे संचालक शिवा शर्मा की बिल्डिंग की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी. शिवा की मौत के बाद उनकी मां ने श्रद्धा दुबे और श्रद्धा की बहन रश्मि के खिलाफ केस दर्ज कराया था. इस मामले में श्रद्धा ने गिरफ्तारी से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया था और शिवा की मौत को आत्महत्या बताया था.

यह भी पढ़ें: हाथ में हाथ और सीढ़ियां... मॉडल श्रद्धा दुबे के साथ नीचे उतरता दिखा शिवा! मौत से पहले का CCTV आया सामने

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क्राइम सीन रीक्रिएशन में जांच टीम घटना से जुड़ी परिस्थितियों को दोबारा तैयार करती है. शिवा के मामले में पुतले को चौथी मंजिल से गिराकर यह देखा जाएगा कि वह जमीन पर किस जगह गिरता है, उसकी दिशा क्या होती है और गिरने के दौरान उसका रास्ता कैसा रहता है.

फॉरेंसिक टीम अलग-अलग बातों को समझने की कोशिश करेगी. मसलन, कोई व्यक्ति खुद छलांग लगाए तो उसके गिरने का तरीका क्या हो सकता है. किसी को धक्का दिया जाए या जबरन नीचे फेंका जाए, तो क्या उसकी दिशा और दूरी में कोई फर्क नजर आता है. इसके लिए इमारत की बनावट, गिरने की ऊंचाई और जमीन पर उस जगह को भी ध्यान में रखना होगा, जहां शिवा मिले थे.

यहीं जांच का सबसे अहम हिस्सा है. पुलिस गिरने की दूरी और एंगल का एनालिसिस करेगी. इसके पीछे मकसद यह समझना है कि शरीर किस दिशा में और किस तरह नीचे आया होगा. पुलिस की जांच में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी अहम है. फॉरेंसिक टीम पुतले को गिराने से मिले नतीजों की तुलना शिवा के शरीर पर मिली चोटों से करेगी.

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