शाहजहांपुर में 'भ्रष्टाचार की कसम' वाले वीडियो पर बवाल, BJP पार्षदों का दावा- 'एडिट करके किया गया वायरल'

शाहजहांपुर नगर निगम के भाजपा पार्षदों का भ्रष्टाचार की कमाई आपस में बांटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. पार्षदों का दावा है कि वीडियो पुराना और एडिट किया हुआ है. मामले की जांच के बीच एक मनोनीत पार्षद ने इस्तीफा दे दिया है.

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वायरल वीडियो पर शाहजहांपुर के बीजेपी पार्षदों की सफाई (Photo- Screengrab) वायरल वीडियो पर शाहजहांपुर के बीजेपी पार्षदों की सफाई (Photo- Screengrab)

aajtak.in

  • शाहजहांपुर ,
  • 30 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST

यूपी के शाहजहांपुर नगर निगम के भाजपा पार्षदों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वे कथित तौर पर भ्रष्टाचार की कमाई आपस में बराबर बांटने की कसम खाते दिख रहे हैं. इस विवाद के सामने आने पर बीजेपी नगर इकाई ने लगभग 10 पार्षदों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा. पार्षदों ने इस वीडियो को करीब एक साल पुराना बताते हुए कहा कि इसे उनकी छवि खराब करने की नीयत से एडिट करके फैलाया गया है. यह वीडियो नगर के एक होटल में वार्ड विकास कार्यों और राज्य वित्त आयोग से मिले फंड की चर्चा के दौरान रिकॉर्ड किया गया था.

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पार्षदों का सफाई में क्या कहना है?

बीजेपी शाहजहांपुर नगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने न्यूज एजेंसी को बताया कि सात पार्षदों ने शनिवार रात तक अपने जवाब सौंप दिए हैं, जबकि तीन लोग अन्य पार्षदों के पति हैं जिन्हें नोटिस नहीं भेजा गया. पार्षदों का कहना है कि यह बैठक ईस्ट मार्क कंपनी के विकास कार्यों और सभी वार्डों में फंड के समान बंटवारे पर चर्चा के लिए हुई थी. बैठक में अन्य पार्टियों के पार्षद भी मौजूद थे.

निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई का भरोसा

शिल्पी गुप्ता के मुताबिक पार्टी वायरल वीडियो की जांच कर रही है कि क्या इसमें हेरफेर की गई है. यदि वीडियो में गड़बड़ी पाई जाती है, तो मामला कोर कमेटी के पास जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उधर नगर आयुक्त गुरबानी ने बताया कि यह वीडियो नवंबर 2025 का है. वहीं जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच की जाएगी.

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विपक्ष का हमला और पार्षद का इस्तीफा

वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बीजेपी पर हमला तेज कर दिया है. इस पूरे विवाद और फजीहत से आहत होकर मनोनीत पार्षद पूनम मेहरोत्रा ने नगर आयुक्त को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. मेयर और बीजेपी महानगर इकाई ने इस मामले में नोटिस जारी कर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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