उत्तर प्रदेश के संभल में करीब 25 साल से तालाब की जमीन पर चले आ रहे कब्जे को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटवा दिया. राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के नाम दर्ज 450 वर्गमीटर जमीन पर खेती की जा रही थी. एसडीएम के बेदखली आदेश के बाद तहसीलदार राजस्व विभाग की टीम और दो थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. जमीन की पैमाइश कराने के बाद बुलडोजर चलवाकर अवैध कब्जा हटाया गया और प्रशासन ने जमीन पर अपना कब्जा ले लिया. कार्रवाई के दौरान विरोध करने पर पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया.
मामला संभल सदर कोतवाली क्षेत्र में संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित बेगमपुर का है. यहां गाटा संख्या 523 की 450 वर्गमीटर जमीन राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के नाम दर्ज है. इसके बावजूद जमीन पर खेती की जा रही थी. प्रशासन को तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की जानकारी मिली थी. इसके बाद मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई.
एसडीएम विकास चंद्र ने 450 वर्गमीटर जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए बेदखली का आदेश जारी किया था. इसी आदेश के आधार पर मंगलवार को प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में आधा दर्जन लेखपालों की टीम ने जमीन की पैमाइश कराई. इसके बाद बुलडोजर चलवाकर जमीन पर की जा रही खेती को हटाया गया. प्रशासन ने बुलडोजर से खुदाई कराकर जमीन का सीमांकन भी कराया. कार्रवाई के बाद तालाब की जमीन को कब्जामुक्त कराते हुए प्रशासन ने उस पर अपना कब्जा ले लिया. इस तरह करीब 25 साल बाद तालाब के नाम दर्ज जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया.
एसडीएम के आदेश पर भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंची टीम
जमीन से कब्जा हटाने के लिए प्रशासन ने राजस्व विभाग के साथ पुलिस की भी मदद ली. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के साथ आधा दर्जन लेखपाल मौके पर पहुंचे. उनके साथ सदर कोतवाली प्रभारी मोहित बालियान और दो थानों की पुलिस फोर्स भी मौजूद रही. मौके पर पहुंचने के बाद पहले जमीन की पैमाइश कराई गई, ताकि तालाब के नाम दर्ज जमीन की पहचान की जा सके.
इसके बाद बुलडोजर की मदद से वहां की गई खेती को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई. प्रशासन ने खुदाई कराकर जमीन का सीमांकन किया और कब्जा अपने हाथ में ले लिया. इस दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा. प्रशासन की टीम ने एसडीएम के बेदखली आदेश के आधार पर कार्रवाई की. अधिकारियों ने जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के नाम दर्ज होने का हवाला देते हुए कब्जा हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई.
तालाब की जमीन से कब्जा हटाने के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया. उन्होंने कार्रवाई रोकने की कोशिश की. प्रशासन की टीम ने उन्हें एसडीएम के बेदखली आदेश की जानकारी दी, लेकिन विरोध जारी रहने पर पुलिस ने मौके से दो लोगों को हिरासत में ले लिया. इनमें एक महिला भी शामिल है. पुलिस ने दोनों को शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया.
वहीं, प्रशासन ने जमीन की पैमाइश और बुलडोजर की कार्रवाई पूरी कराते हुए तालाब की भूमि को अपने कब्जे में ले लिया. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, गांव में तालाब की जमीन पर कब्जे से जुड़े दूसरे मामलों की भी पहचान की जा रही है. उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की टीम गांव के 15 से 20 गाटा नंबरों को चिन्हित कर रही है. इनमें उन जमीनों की पहचान की जाएगी, जिन पर अवैध कब्जे की शिकायत या जानकारी सामने आई है.
तहसीलदार ने बताया कि मौजूदा कार्रवाई के तहत जिस जमीन को कब्जामुक्त कराया गया, वह राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के नाम दर्ज है. इस जमीन पर लंबे समय से कब्जा किए जाने की बात सामने आई थी. एसडीएम कार्यालय से बेदखली का आदेश जारी होने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कब्जा हटाने की कार्रवाई की. उन्होंने यह भी बताया कि गांव में कुल आधा हेक्टेयर भूमि को लेकर कार्रवाई की जा रही है और अन्य गाटा नंबरों को भी चिन्हित किया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जमीनों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
राजस्व रिकॉर्ड में तालाब, जमीन पर हो रही थी खेती
इस पूरे मामले में अहम बात यह है कि जमीन राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के नाम दर्ज थी, लेकिन उस पर खेती की जा रही थी. प्रशासन ने पैमाइश कराकर जमीन की पहचान की और बेदखली के आदेश के आधार पर कब्जा हटवाया. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने के लिए टीम मौके पर पहुंची थी. बुलडोजर से खेती हटवाने के बाद जमीन की खुदाई और सीमांकन कराया गया. कार्रवाई के दौरान विरोध करने वाले दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया. फिलहाल, प्रशासन ने बेगमपुर में तालाब के नाम दर्ज 450 वर्गमीटर जमीन को कब्जामुक्त कराकर अपने कब्जे में ले लिया है. साथ ही गांव के दूसरे गाटा नंबरों पर भी कब्जे की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है.
अभिनव माथुर