उत्तर प्रदेश के संभल में विवादित धर्मस्थल जामा मस्जिद के आसपास बने मकान और दुकानें अब प्रशासन के रडार पर हैं. महायोजना 2031 के प्रावधानों को लागू करने की कवायद के तहत प्रशासन ने ऐसे निर्माणों की जांच शुरू कर दी है, जिनके नक्शे स्वीकृत नहीं पाए गए हैं. शुरुआती जांच में करीब दो दर्जन दुकानों और मकानों के नक्शे नहीं मिले हैं. इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.
मामला संभल सदर कोतवाली इलाके का है. यहां विवादित धर्मस्थल जामा मस्जिद के पीछे पश्चिमी हिस्से में बने मकान और दुकानें प्रशासन की जांच के दायरे में आई हैं. डीएम अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर महायोजना 2031 के प्रावधानों को जमीन पर लागू करने की कवायद चल रही है.
प्रशासन के मुताबिक, संभल में चौधरी सराय से लेकर जामा मस्जिद होते हुए टंडन तिराहे तक का इलाका महायोजना 2031 के दायरे में आता है. इसी के तहत सड़कों की चौड़ाई, सड़क किनारे हुए निर्माण और बाजार स्ट्रीट के लिए आरक्षित क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों की जांच की जा रही है.
पहले नक्शा देखा, फिर फीता लेकर पहुंच गई टीम
प्रशासन की टीम ने सबसे पहले इलाके में बने मकान और दुकानों के नक्शे चेक किए. सवाल था कि निर्माण हुआ है तो उसका नक्शा कहां है? जांच में करीब दो दर्जन निर्माण ऐसे मिले, जिनके स्वीकृत नक्शे मौके पर नहीं मिले. इसके बाद विनिमय क्षेत्र की टीम ने इन निर्माणों की पैमाइश शुरू कर दी. जेई सचिन कुमार टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. जिन निर्माणों के नक्शे नहीं मिले, उनकी स्थिति और आकार की जांच की गई. इसके बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है.
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लेकिन कहानी सिर्फ बिना नक्शे वाले निर्माणों की नहीं है. प्रशासन सिर्फ उन्हीं लोगों की जांच नहीं कर रहा है, जिनके पास नक्शा नहीं है. जिन लोगों ने अपने निर्माण के स्वीकृत नक्शे दिखाए हैं, उनकी भी जांच होगी. मतलब नक्शा दिखा दिया तो मामला खत्म नहीं होगा. टीम ये भी देखेगी कि मकान या दुकान वास्तव में उसी नक्शे के हिसाब से बनाई गई है या नहीं. कहीं कागज पर कुछ और और जमीन पर कुछ और तो नहीं- इसकी भी पड़ताल होगी.
आखिर महायोजना 2031 का मामला क्या है?
संभल में महायोजना 2031 के तहत शहर के विकास और निर्माण को तय मानकों के हिसाब से व्यवस्थित करने की कवायद चल रही है. चौधरी सराय से लेकर जामा मस्जिद और वहां से टंडन तिराहे तक का इलाका भी इस योजना के दायरे में है. इसमें सड़क की चौड़ाई, सड़क के किनारे निर्माण और बाजार स्ट्रीट के लिए आरक्षित जगह जैसे प्रावधान शामिल हैं. प्रशासन अब देख रहा है कि इलाके में जो निर्माण हुए हैं, वो इन नियमों पर खरे उतरते हैं या नहीं.
एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि संभल में महायोजना के क्रियान्वयन के लिए मौके पर निरीक्षण किया गया. इस दौरान सामने आया कि विवादित धर्मस्थल के पीछे स्थित दुकानों के नक्शे पास नहीं हैं. जिन लोगों के नक्शे पास नहीं हैं, उनकी जांच पड़ताल की जा रही है. उनको नोटिस जारी किए गए हैं.
यह पहले चरण का सर्वे था, लेकिन अभी आगे भी सर्वे किया जा रहा है. जिन लोगों के नक्शे पास हैं, उन लोगों के द्वारा मानक के अनुरूप निर्माण किया गया है या नहीं, यह भी जांच पड़ताल की जा रही है. फिलहाल जामा मस्जिद के आसपास करीब दो दर्जन मकान और दुकानें प्रशासन की नजर में हैं. टीम पैमाइश कर चुकी है, नोटिस जारी हो चुके हैं और सर्वे आगे भी चलने वाला है. अब असली सवाल यही है कि नोटिस का जवाब क्या आता है और जांच पूरी होने के बाद प्रशासन अगला कदम क्या उठाता है?
अभिनव माथुर