समाजवादी पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित कर गोरखपुर जिला महानगर और फ्रंटल को भंग कर दिया है. यह कार्रवाई पूर्व जिला अध्यक्ष राम नगीना साहनी के साथ मारपीट के आरोपों के बाद हुई है. उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने अंशुमान सिंह और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि कार्रवाई न होने पर वे सपा कार्यालय का घेराव करेंगे. इस सियासी विवाद ने गोरखपुर में हलचल मचा दी है.
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष और निषाद समाज के नेता राम नगीना साहनी के साथ मारपीट के आरोप को लेकर सियासी हलचल तेज है. उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने सपा नेता अंशुमान सिंह, उनके बेटे कमलेश सिंह और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग की थी. आरोप है कि सपा नेता अंशुमान सिंह, उनके बेटे कमलेश सिंह और उनके समर्थकों ने राम नगीना साहनी के साथ मारपीट की थी.
संजय निषाद ने निषाद समाज के व्यक्ति के साथ हुई मारपीट/अभद्रता के वीडियो का जिक्र करते हुए कहा था कि सामंती सोच रखने वाले लोग समाज के लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं. उन्होंने गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा था कि वे अपने समाज के सम्मान के साथ हमेशा खड़े रहेंगे. उन्होंने सपा को चेतावनी देते हुए कहा था कि ऐसे गुंडों की जगह सिर्फ जेल में है.
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संजय निषाद ने गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी भी दी थी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सपा कार्यालय का घेराव करेंगे. संजय निषाद के बयानों के कुछ घंटों बाद ही सपा ने यह कार्रवाई की है. अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित करते हुए सपा ने गोरखपुर जिला महानगर और फ्रंटल को भंग कर दिया है.
आशीष श्रीवास्तव